शोधकर्ताओं ने GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट—जो मधुमेह और वजन नियंत्रण के लिए उपयोग होते हैं—की तुलना एक अन्य मधुमेह दवा SGLT2 इनहिबिटर से की। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्डों का विश्लेषण किया और मरीजों को तब से तीन वर्षों तक फॉलो किया जब उन्होंने GLP-1 लेना शुरू किया। अध्ययन में अधिकांश उपयोग किए गए रूपों में semaglutide, liraglutide और dulaglutide शामिल थे। परिणाम The BMJ में प्रकाशित हुए।
जो लोग पहले नशे से मुक्त थे, उनमें GLP-1 उपयोग किसी भी नशे के विकार के विकसित होने का जोखिम लगभग 14% कम जुड़ा पाया गया। लेखकों ने यह भी रिपोर्ट किया कि यह प्रति 1,000 उपयोगकर्ताओं पर सात नए निदान कम होने के बराबर था।
जो मरीज पहले से नशे के विकार से ग्रस्त थे, उनके लिए GLP-1 उपयोग से गंभीर नुकसान के संकेत घटे—आपातकालीन कक्ष के दौरे, अस्पताल में भर्ती, ओवरडोज़ और दवा-संबंधी मौतों में कमी। शोध टीम ने कहा कि दवाएँ चाहत (craving) को कम कर सकती हैं और मस्तिष्क के इनाम वाले क्षेत्रों पर प्रभाव कर सकती हैं।
कठिन शब्द
- एगोनिस्ट — दवा जो किसी रिसेप्टर को सक्रिय करती है
- इनहिबिटर — कोई दवा जो शरीर की क्रिया रोकती है
- विश्लेषण — डेटा या जानकारी की गहराई से जाँच
- निदान — किसी बीमारी की पहचान या पुष्टि
- ओवरडोज़ — दवा बहुत अधिक लेने से होने वाली स्थिति
- चाहत — किसी चीज़ को पाने की तीव्र इच्छा
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आप क्या सोचते हैं—GLP-1 दवाएँ नशे की चाहत कम करके कैसे मदद कर सकती हैं? कारण बताइए।
- यदि किसी प्रसिद्ध व्यक्ति ने वजन घटाने के लिए GLP-1 ली और उसके बाद नशे की समस्या बनी, तो डॉक्टरों को क्या ध्यान रखना चाहिए? आप क्या सलाह देंगे?
- इन परिणामों को देखते हुए, क्या आप चाहेंगे कि ये दवाएँ और लोगों को उपलब्ध हों? अपने विचार और छोटे कारण लिखिए।
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