यह अध्ययन 2020 के अचानक हुए ऑनलाइन बदलाव का विश्लेषण करता है और बताता है कि छात्रों का प्रदर्शन किस तरह बदला। अध्ययन Production and Operations Management में छपा और Shijie Lu ने इसका नेतृत्व किया। शोधकर्ता 9 विश्वविद्यालयों के लगभग 8,000 छात्रों के 15,000 कोर्स रिकॉर्ड की तुलना करते हैं। उन्होंने महामारी से पहले की आमने-सामने कक्षाओं के ग्रेडों की तुलना लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन निर्देश के समय मिले ग्रेड से की।
निष्कर्ष यह थे कि असर विषय और स्थानीय नीतियों पर निर्भर करता है। गणित जैसे मात्रात्मक विषयों में औसतन लगभग 8 से 11 अंक (100 अंकों के पैमाने पर) सुधार दिखा। इसकी वजह थी कि छात्र लेक्चर रोककर देख सकते थे, उदाहरण दोबारा देख सकते थे और अपनी गति से अभ्यास कर सकते थे। इसके मुकाबले, English जैसे चर्चा-आधारित पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन प्रभावी बनाना कठिन रहा।
शोध ने सख्त इकनॉमेट्रिक तरीके इस्तेमाल कर अलग-अलग सरकारी नीतियों के प्रभाव की भी परीक्षा की। कड़े "stay-at-home" आदेशों ने मनोवैज्ञानिक तनाव बढ़ाया और ऑनलाइन सीखने की प्रभावशीलता घटाई। शोध सुझाव देता है कि पाठ्यक्रम डिजिटल उपकरणों के साथ सावधानी से डिज़ाइन किए जाएँ और नीतिनिर्माताओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि सभी लॉकडाउन नीतियों का शिक्षा पर समान असर नहीं होता।
कठिन शब्द
- प्रभाव — किसी चीज का असर या परिणाम।प्रभाव का
- विश्लेषणात्मक — किसी चीज को समझने के लिए गहराई से जांचना।
- परंपरागत — पुरानी या प्राचीन रीति-रिवाज वाले।
- तनाव — दबाव या चिंता की स्थिति।मानसिक तनाव
- उपयोगी — जो किसी काम में मददगार हो।
- शोध — गहराई से अध्ययन या जांच।शोध के
- संतुलित — समान रूप से बाँटा गया।
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- ऑनलाइन शिक्षा के प्रभाव को आप कैसे देखते हैं?
- क्या आप ऑनलाइन शिक्षा को परंपरागत शिक्षा से बेहतर मानते हैं? क्यों?
- क्या लॉकडाउन की वजह से शिक्षा पर कोई लंबी अवधि के प्रभाव हो सकते हैं?