COP30 में आदिवासी जमीन और इंडोनेशिया के विवादCEFR A2
26 जन॰ 2026
आधारित: Arpan Rachman, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Vagamood Sundaze, Unsplash
स्तर A2 – प्राथमिक / एलिमेंटरीCEFR A2
2 मिनट
95 शब्द
COP30 में आदिवासी लोगों को वनों के रक्षक के रूप में देखा गया और इस विषय पर चर्चा हुई। लेकिन इंडोनेशिया में कई समुदायों को राज्य-समर्थित जलवायु और विकास परियोजनाओं से अपनी जमीन का खतरा है।
कुछ बड़े परियोजनाओं में भू-तापीय संयंत्र, जैव-ऊर्जा और बांध शामिल हैं। AMAN ने 2025 में कई मामलों और जमीन के नुकसान की रिपोर्ट दी। सरकार ने 1.4 मिलियन हेक्टेयर पारंपरिक वनों को मान्यता देने का वादा किया है, पर AMAN ने कहा कि यह कदम असली भागीदारी और विवाद निपटान के बिना प्रतीकात्मक हो सकता है।
कठिन शब्द
- आदिवासी — एक स्थानीय जनजाति का समूहआदिवासी लोगों
- रक्षक — किसी चीज़ की सुरक्षा करने वाला व्यक्तिवनों के रक्षक
- राज्य-समर्थित — सरकार की मदद या समर्थन प्राप्त परियोजना
- भू-तापीय — पृथ्वी की गर्मी से ऊर्जा बनाने वालाभू-तापीय संयंत्र
- जैव-ऊर्जा — पौधा या कचरे से बनने वाली ऊर्जा
- मान्यता — किसी चीज़ को आधिकारिक रूप से स्वीकार करना
- प्रतीकात्मक — सिर्फ दिखावे जैसा, असली असर न होने वाला
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चर्चा के प्रश्न
- अगर आपकी जमीन पर कोई बड़ी परियोजना बने तो आप क्या करेंगे?
- सरकार से मान्यता मिलने पर स्थानीय समुदाय को कौन से फायदे हो सकते हैं?
- आपको क्यों लगता है कि सिर्फ प्रतीकात्मक कदम पर्याप्त नहीं होते?