कोंगो बेसिन बड़ा जंगल है और कई आदिवासी लोग वहां रहते हैं। स्थानीय समूह कहते हैं कि चीनी निवेश और कटाई से जंगल घट रहा है और आदिवासी जीवन प्रभावित हो रहा है।
बेलें में हुए COP30 में नागरिक समाज और आदिवासी समुदायों की दृश्य भागीदारी बढ़ी। पीपल्स समिट, मार्च और वन-फंड की घोषणा के साथ आदिवासी अधिकारों की मान्यता और वित्तीय सवाल उभरे।
12 नवंबर 2025 को बेलें, पेरा में COP30 के एक सत्र में सिनैया डो वेल ने कहा कि आदिवासी अधिकारों की रक्षा और पारंपरिक ज्ञान को विज्ञान के साथ मिलाकर जलवायु नीतियाँ बनाई जानी चाहिए। सत्र में कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ शामिल थीं।
COP30, बेलेम (ब्राज़ील) में स्वदेशी और स्थानीय समुदायों ने जंगलों की मजबूत सुरक्षा, क्षेत्रीय अधिकारों की मान्यता और जलवायु वित्त तक सीधे पहुँच की माँग की। यह मांगें GATC और Earth Insight की रिपोर्ट पर आधारित हैं।
Chiang Rai के Wiang Pa Pao जिले का करेन गांव Huai Hin Lad Nai 10,000 rai से अधिक जंगल पर रहता है। सितंबर 2024 की बाढ़ के बाद विवाद और फरवरी 2025 के शोध ने कारणों पर भिन्न निष्कर्ष दिए।