COP30 में आदिवासी जमीन और इंडोनेशिया के विवादCEFR B2
26 जन॰ 2026
आधारित: Arpan Rachman, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Vagamood Sundaze, Unsplash
COP30 में आदिवासी लोगों को वनों के रक्षक के रूप में प्रमुखता दी गई, पर इंडोनेशिया में हालिया विकसित परियोजनाएँ कई समुदायों के पारंपरिक अधिकारों को खतरे में डाल रही हैं। आदिवासी समूहों ने विशेष रूप से पोको लिओक (पूर्व नुसा टेंग्गारा) का भू-तापीय संयंत्र, मेराउके (पापुआ) की जैव-ऊर्जा परियोजना, उत्तरी कालिमन्तन में बांध निर्माण और नगेकेओ में लम्बो जलाशय जैसी बड़े प्रोजेक्ट्स का नाम लिया।
इंडोनेशिया में अनुमानित 50 से 70 मिलियन आदिवासी लोग रहते हैं जो 2,000 से अधिक समूहो में फैले हैं और 2,161 मान्यता प्राप्त समुदाय हैं; अधिकांश बोर्नियो द्वीप पर रहते हैं, फिर सुलेवेसी और सुमात्रा पर। सरकार ने वनों की कटाई घटाने के लक्ष्य के हिस्से के रूप में 1.4 मिलियन मिलियन हेक्टेयर पारंपरिक वनों को पहचानने का वादा किया और 33.6 मिलियन हेक्टेयर के पारंपरिक क्षेत्रों के नक्शे उसके पास हैं, पर AMAN ने कहा कि यह सिर्फ एक प्रारंभिक कदम होना चाहिए और असली भागीदारी व विवाद निपटान के बिना यह प्रतीकात्मक न बन जाए।
AMAN के रिकॉर्ड के अनुसार 2025 में स्थिति बिगड़ी: 135 मामलों में पारंपरिक भूमि ली गई, जिससे 109 आदिवासी समुदायों को कुल 3.8 मिलियन हेक्टेयर का नुकसान हुआ, और 162 समुदायों ने आपराधिककरण व हिंसा देखी। AMAN की महासचिव Rukka Sombolinggi ने कहा कि 2025 में 38 मिलियन हेक्टेयर आदिवासी भूमि छीन ली गईं; पिछले दशक में 11.7 मिलियन हेक्टेयर जब्त हुईं, औसतन 1.1 मिलियन हेक्टेयर प्रति वर्ष, और 2025 का आंकड़ा औसत से तीन गुना अधिक था।
AMAN ने और चेतावनियाँ दीं कि एक राष्ट्रपति कानून सुरक्षा बलों को आदिवासी जमीनों में ला सकता है जिससे सैन्यीकरण का खतरा बढ़ेगा, और आदिवासी लोगों का संरक्षण करने वाला विधेयक संसद में दस से अधिक वर्षों से रुका हुआ है। साथ ही COP30 के बाहर 11 देशों ने 160 मिलियन हेक्टेयर तक वैश्विक स्वामित्व अधिकारों को मान्यता देने का समझौता किया और परोपकारी समूहों तथा कुछ विकसित देशों ने आदिवासी लोगों के समर्थन के लिए $1.8 बिलियन का वादा किया। AMAN ने कहा कि इंडोनेशिया के 1.4 मिलियन हेक्टेयर बहाली वादे पर अधिक ध्यान चाहिए क्योंकि COP30 के बाद औपचारिक प्रगति नहीं हुई है।
कठिन शब्द
- आदिवासी — पुराने समय से किसी क्षेत्र में रहने वाला समुदायआदिवासी लोगों, आदिवासी समुदायों, आदिवासी भूमि, आदिवासी लोगों के
- पारंपरिक — प्राचीन या लंबे समय की रीति-रिवाज वालीपारंपरिक वनों, पारंपरिक क्षेत्रों, पारंपरिक भूमि
- मान्यता — सरकारी या आधिकारिक तौर पर स्वीकार करनामान्यता प्राप्त समुदाय
- आपराधिककरण — किसी व्यवहार को अपराध माना जाने की प्रक्रिया
- सैन्यीकरण — किसी क्षेत्र में सैन्य बलों का बढ़ना
- बहाली — खराब हुई जमीन या हिस्सा वापस बनाने की क्रियाबहाली वादे
- निपटान — किसी विवाद या समस्या का हल या तय करना
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चर्चा के प्रश्न
- बड़े परियोजनाएँ और संसाधन विकास आदिवासी समुदायों के पारंपरिक अधिकारों और जीवन पर कैसे असर डाल सकते हैं? उदाहरण के साथ बताइए।
- COP30 में आदिवासी लोगों को प्राथमिकता दिए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रगति धीमी क्यों दिखती है? क्या कारण हो सकते हैं?
- सरकार और परोपकारी समूहों के वादों के बीच भरोसा बढ़ाने और वास्तविक जीरो-लाइन लागू करने के लिए कौन से व्यवहारिक कदम उपयोगी होंगे?