भारत की गैर‑बासमती सफेद चावल पर लगाई गई निर्यात पाबंदी का उद्देश्य घरेलू आपूर्ति सुरक्षित रखना और बढ़ती कीमतें नियंत्रित करना था। यह कदम वैश्विक खाद्य आपूर्ति की कमियों में योगदान कर रहा है और कई आयातक देशों को अपनी रणनीतियाँ बदलने पर मजबूर कर रहा है। भारत विश्व का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है और वैश्विक निर्यात में इसका हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत है; इसलिए नीति‑परिवर्तन का अंतरराष्ट्रीय प्रभाव तेज़ रहा है। सरकार ने जुलाई में पाबंदी लगाई और अगस्त में बासमती पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी लगाया।
अर्थशास्त्री David Dawe का कहना है कि अब आत्मनिर्भरता पर अधिक जोर आएगा और इसके लिए कृषि अनुसंधान में निवेश जरूरी होगा। अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के Jauhar Ali बताते हैं कि संकर चावल उपज में लगभग 30% वृद्धि दे सकते हैं, लेकिन इसके प्रसार के साथ सिंचाई, अनुसंधान‑विस्तार सेवाएँ, पोस्ट‑हार्वेस्ट सुविधाएँ और जैविक उर्वरकों में निवेश होना चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि हालिया शोध प्रारंभिक चरण में है और कई देशों को कम अवधि वाले (less than 120 days) उच्च‑उपज संकर चाहिए जो पोषक तत्व कुशलता से उपयोग करें और बाजार की मांग पूरी करें।
फिलीपींस में PhilRice की Flordeliza Bordey ने कहा कि राष्ट्रीय चावल कार्यक्रम के तहत लगभग 842,000 हेक्टेयर सिंचित जमीन के लिए संकर बीज और उर्वरक उपलब्ध कराए जाएंगे; यह कार्यक्रम शुष्क मौसम की हिस्सेदारी बढ़ाएगा और जलवायु अनुकूलन के लिए डिजिटल उपकरणों का उपयोग करेगा। Bordey ने कहा कि यह कार्यक्रम निर्यात पाबंदी के साथ या बिना जारी रहेगा।
- IFPRI के अनुसार 42 देशों को अपने चावल आयात का 50 प्रतिशत से अधिक भारत से मिलता है।
- अफ्रीका वैश्विक चावल का लगभग एक‑तिहाई आयात करता है और 54 अफ्रीकी देशों में 35 million से अधिक छोटे किसान चावल उगाते हैं।
- AfricaRice जलवायु‑प्रतिरोधी बीज, सिंचाई में निवेश और क्षेत्रीय उर्वरक निर्माण को प्रोत्साहित करने की सलाह देता है।
कठिन शब्द
- निर्यात — देश से बाहर बेची जाने वाली कृषि या वस्तुनिर्यात पाबंदी, वैश्विक निर्यात
- पाबंदी — किसी काम या वस्तु पर लगाया गया प्रतिबंधनिर्यात पाबंदी
- आत्मनिर्भरता — वह क्षमता जिसमें देश अपनी जरूरतें पूरा करे
- संकर — दो या अधिक किस्मों के मेल से बना फसलसंकर चावल, उच्च‑उपज संकर
- उपज — एक खेत या पौधे से मिलने वाला अनाजउच्च‑उपज
- सिंचाई — फसलों को पानी पहुँचाने की कृषि प्रक्रिया
- उर्वरक — मिट्टी या पौधों को पोषक तत्व देने वाला पदार्थजैविक उर्वरकों
- सुविधा — काम आसान करने वाली कोई भौतिक सेवा या साधनपोस्ट‑हार्वेस्ट सुविधाएँ
- प्रसार — किसी चीज़ का फैलना या अधिक स्थान पर पहुँचनाइसके प्रसार के साथ
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- भारत की निर्यात पाबंदी के कारण आयातक देशों को किस तरह की रणनीति बदलनी पड़ सकती है? उदाहरण दें।
- संकर चावल और कृषि अनुसंधान में निवेश के बीच संतुलन कैसे बनाया जा सकता है — तात्कालिक जरूरतों के लिए क्या प्राथमिकताएँ होनी चाहिए? कारण बताइए।
- यदि आपका देश भारत पर चावल आयात के लिए निर्भर है, तो छोटे किसानों और घरेलू आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए कौन‑से स्थानीय कदम उठाए जा सकते हैं?