मिसौरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ता बैंगनी मक्के से प्राकृतिक खाद्य रंग तैयार कर रहे हैं। कृत्रिम रंग पेट्रोलियम से बनते हैं और वे स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं होते। इसके विपरीत, बैंगनी मक्के में प्राकृतिक यौगिक होते हैं। ये प्राकृतिक रंजक शरीर की सूजन कम करते हैं और हृदय को स्वस्थ रखते हैं।
प्राकृतिक रंग अक्सर गर्मी और हवा के कारण जल्दी खराब हो जाते हैं। लेकिन शोधकर्ताओं ने परीक्षण में पाया कि बैंगनी मक्के का रंग उच्च तापमान में भी सुरक्षित रहता है। विशेष सुरक्षात्मक परत चढ़ाने पर यह रंग और अधिक टिकाऊ हो जाता है।
वैज्ञानिकों ने इस रंग का परीक्षण फलों के रस और खेल पेय (स्पोर्ट्स ड्रिंक्स) में किया है। सात हफ़्तों तक ठंडा रखने के बाद भी रंग खराब नहीं हुआ। इससे उपभोक्ताओं को स्वस्थ भोजन मिलेगा और किसानों की आय भी बढ़ेगी।
कठिन शब्द
- शोधकर्ता — नई जानकारी खोजने और अध्ययन करने वाला व्यक्ति।शोधकर्ताओं
- कृत्रिम — जो प्रकृति का नहीं बल्कि इंसान का बनाया हो।
- सूजन — शरीर के किसी भाग का फूल जाना।
- टिकाऊ — जो वस्तु लंबे समय तक खराब न हो।
- उपभोक्ता — चीज़ें खरीदकर उनका उपयोग करने वाला व्यक्ति।उपभोक्ताओं
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चर्चा के प्रश्न
- क्या आप भोजन में प्राकृतिक रंगों का उपयोग करना पसंद करेंगे? क्यों?
- बैंगनी मक्के से बने रंगों से किसानों की आय कैसे बढ़ सकती है?