Texas A&M University की एक टीम ने दो विकास कारकों पर आधारित दो-चरणीय उपचार दिखाया, जिसमें घाव बंद होने के बाद पहला संकेत और कई दिनों बाद दूसरा संकेत लागू किया गया। इस क्रम से एक ब्लास्टेमा-जैसी ऊतक संरचना बनने के संकेत मिले, जो सामान्यतः पुनर्जनन क्षमता वाले जानवरों में देखी जाती है।
दूसरे संकेत ने उन कोशिकाओं को नई संरचनाएँ बनाने के लिए प्रेरित किया। परिणामस्वरूप हड्डी, जोड़ संरचनाएँ, टेंडन, लिगामेंट और अन्य संयोजी ऊतक आंशिक रूप से बहाल हुए। ये ऊतक पूरी तरह से समान प्रतिकृतियाँ नहीं थे, लेकिन उनकी व्यवस्था प्राकृतिक रूप के अनुरूप लौटती दिखी।
अध्ययन में यह भी पाया गया कि यह प्रक्रिया कई जैविक मार्गों का उपयोग करती है और बाहरी स्टेम कोशिकाएँ लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। शोधकर्ता कहते हैं कि यह तरीका घाव के निशान घटाने और चोट या प्रियोजन के बाद ऊतकीय मरम्मत सुधारने के लिए उपयोगी हो सकता है और क्लिनिकल जांच की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
कठिन शब्द
- विकास कारक — कोशिकाओं के विकास को प्रभावित करने वाला पदार्थविकास कारकों
- दो-चरणीय — जिसमें काम दो अलग समय में होता है
- ब्लास्टेमा — विकासशील कई कोशिकाओं की समूह संरचनाब्लास्टेमा-जैसी
- पुनर्जनन क्षमता — किसी अंग का खुद से वापस बन जाने की क्षमता
- संयोजी ऊतक — शरीर में अंगों को जोड़ने वाले ऊतकअन्य संयोजी ऊतक
- क्लिनिकल जांच — मरीजों पर नए इलाज की चिकित्सा परीक्षण प्रक्रिया
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- यह तरीका गंभीर चोटों के बाद घाव के निशान घटाने में आपकी राय में कैसे उपयोगी हो सकता है? कारण बताएँ।
- बाहरी स्टेम कोशिकाएँ न लगाने से इस इलाज के क्या फायदे या नुकसान हो सकते हैं? अपने विचार लिखें।
- क्लिनिकल जांच की दिशा में आगे बढ़ने का मतलब क्या है, और आपको लगता है यह प्रक्रिया लोगों तक पहुँचने में कितनी जल्दी सफल हो सकती है? कारण सहित बताइए।