📖+20 XP
🎧+15 XP
✅+25 XP
स्तर A2 – प्राथमिक / एलिमेंटरीCEFR A2
2 मिनट
107 शब्द
वैज्ञानिकों का कहना है कि सौर प्रणाली के बाहर अरबों ग्रह हो सकते हैं और 6,000 से अधिक एक्सोप्लैनेट की पुष्टि हो चुकी है। शोधकर्ता उन ग्रहों को भी देखते हैं जो हैबिटेबल जोन में आते हैं, जहाँ तापमान तरल पानी की अनुमति दे सकता है। लेकिन केवल पानी होना जीवन की गारंटी नहीं है।
अध्ययन में पाया गया कि सतह पर कार्बन चक्र चलाने के लिए पृथ्वी के महासागरों का लगभग 20–50% पानी होना चाहिए। अगर सतह पर पानी बहुत कम होगा तो कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ेगा और ग्रह गर्म होकर पानी खो सकता है। इसलिए सूखे ग्रहों में जीवन की संभावना कम मानी जाती है।
कठिन शब्द
- सौर प्रणाली — एक ही सितारे के चारों ओर घूमने वाले ग्रह
- एक्सोप्लैनेट — हमारी सौर प्रणाली के बाहर पाया गया ग्रह
- हैबिटेबल जोन — ऐसा क्षेत्र जहाँ तापमान पानी तरल रह सकता है
- तरल पानी — ऐसा पानी जो तरल रूप में मौजूद हो
- कार्बन चक्र — कार्बन के पृथ्वी पर घूमने और बदलने की प्रक्रिया
- महासागर — बड़े पैमाने पर पानी भरे समुद्रमहासागरों
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि तरल पानी जीवन के लिए जरूरी है? क्यों?
- यदि किसी ग्रह पर पानी बहुत कम है, तो वहाँ जीवन की संभावना कम क्यों होगी?
- अगर पृथ्वी के महासागरों में पानी कम हो जाए तो हम क्या कर सकते हैं?