नया शोध बताता है कि रेगिस्तानी तरह के सूखे बाह्य ग्रह जीवन के लिए कम अनुकूल हो सकते हैं। सतह पर कार्बन चक्र को बनाए रखने के लिए पृथ्वी के महासागरों का लगभग 20–50% पानी जरूरी माना गया है।
खगोलविदों ने Gaia20ehk नाम के तारे में दो ग्रहों के टकराने का दुर्लभ सबूत पाया। दृश्य प्रकाश में कमी और अवरक्त प्रकाश में उछाल मलबे के गर्म होने का संकेत देते हैं।
नए प्रयोग दिखाते हैं कि कुछ सूक्ष्मजीव क्षुद्रग्रह के टुकड़ों में दबाव और कठोर हालात सहकर दूसरे ग्रहों तक पहुँच सकते हैं। यह खोज ग्रहीय सुरक्षा और मिशन नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है।
आइसलैंड के Fagradalsfjall ज्वालामुखी पर हुए तीन विस्फोटों के बाद शोधकों ने ताजी लावा में सूक्ष्मजीवों के आने के स्रोत और बदलती जैवविविधता का अध्ययन किया। उन्होंने लावा, बारिश और एयरोसोल के नमूने लेकर DNA विश्लेषण किया।
कैसिनी डेटा के नए विश्लेषण से पता चलता है कि शनि के चंद्रमा टाइटन के अंदर एक गहरे वैश्विक महासागर की बजाय एक मोटी चिपचिपी परत और पिघलन-जेब हो सकती हैं। यह खोज रहने योग्य वातावरण के विचार बदल सकती है।
1995 की खोज के बाद से शोधकर्ताओं ने 4,000 से अधिक बाह्यग्रह पाए। अब वैज्ञानिक जीवन के रासायनिक निशान (बायोसिग्नेचर) और तकनीकी निशान (टेक्नोसिग्नेचर) दोनों की तलाश कर रहे हैं।