जनसंख्या के वृद्ध होने के साथ अफ्रीका में डिमेंशिया बढ़ रहा है और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बढ़ती चुनौती बन गया है। 2015 में उप-सहारा अफ्रीका में डिमेंशिया के साथ रहने वाले लोग 2 मिलियन से अधिक थे और Alzheimer’s Disease International का अनुमान है कि 2050 तक यह संख्या लगभग 8 मिलियन तक पहुँच सकती है। वैश्विक स्तर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 55 million से अधिक लोग डिमेंशिया के साथ हैं और सालाना करीब 10 million नए मामले होते हैं; लगभग 60 प्रतिशत मामले निम्न और मध्यम-आय वाले देशों में हैं।
नैरोबी में आयोजित Future of Dementia in Africa सम्मेलन में आनुवंशिक अनुसंधान पर जोर दिया गया ताकि क्षेत्र की ज्ञान-खाई पटी जा सके। Davos Alzheimer’s Collaborative के जॉर्ज वरादेनबर्ग ने कहा कि अफ्रीकी माइक्रोबायोम, पर्यावरणीय दबाव और अत्यधिक आनुवंशिक विविधता शोधकर्ताओं को नई जानकारी दे सकती है। 2023 के एक अध्ययन में यह भी पाया गया कि अफ्रीकी वंश के एक तिहाई से अधिक लोगों में पार्किंसन्स के लिए आनुवंशिक जोखिम कारक मौजूद था, जो अक्सर डिमेंशिया का अग्रदूत होता है।
कलंक और गलतफहमी कई समुदायों में आम हैं, इसलिए केन्याई स्वास्थ्यकर्मियों ने पारंपरिक उपचारकों, धार्मिक नेताओं और पादरीओं के साथ मिलकर संवाद और सहयोग विकसित किया। डेविड नेडेटेई ने बताया कि वे पारंपरिक उपचारकों का सम्मान दिखाकर अन्य दृष्टिकोण भी साझा कर पाए और अब कई उपचारक मरीजों को क्लिनिक भेजते हैं।
नवीन तकनीकें भी विकसित हो रही हैं। म्वांजा, तंज़ानिया में जिम टॉड और उनकी टीम आवाज़ के पैटर्न का डिजिटल विश्लेषण कर रही हैं और इन्हें रक्त बायोमार्करों से मिलाने का परीक्षण कर रही हैं; वे 65 प्राथमिक विशेषताओं को देखते हैं और छह महीने से एक साल के बीच दूसरी बार आवाज़ का डाटा इकट्ठा कर उसे रक्त संकेतकों के बदलावों से जोड़ने की योजना बना रहे हैं। कई विशेषज्ञ सामाजिक और जीवनशैली आधारित उपायों को भी महत्व देते हैं और शोधकर्ता, निजी क्षेत्र तथा सरकारों के बीच सहयोग तथा राष्ट्रीय डिमेंशिया कार्यक्रमों की वकालत कर रहे हैं। वरादेनबर्ग का कहना है कि साथ मिलकर काम करने से प्रगति तेज हो सकती है, जैसा HIV/AIDS अनुसंधान ने दिखाया था।
- खोज में आनुवंशिक विविधता और पर्यावरण पर ध्यान है
- स्थानीय राहत के लिए पारंपरिक और आधुनिक सहयोग जरूरी है
- डिजिटल उपकरण और बायोमार्कर जोड़े जा रहे हैं
कठिन शब्द
- डिमेंशिया — मस्तिष्क की वह स्थिति जिसमें स्मृति और सोच कमजोर होती हैडिमेंशिया के
- आनुवंशिक — वह संबंध जो जीन और वंश से जुड़ा होआनुवंशिक जोखिम, आनुवंशिक विविधता
- माइक्रोबायोम — जीवाणु और सूक्ष्मजीवों का शरीर में कुल समूह
- विविधता — किसी समूह में अलग-अलग प्रकार या भिन्नताआनुवंशिक विविधता
- पारंपरिक — पुराने समय से चली आ रही स्थानीय परंपरागत पद्धतिपारंपरिक उपचारकों, पारंपरिक उपचारक
- बायोमार्कर — रोग या स्थिति के संकेत देने वाला जैविक संकेतकरक्त बायोमार्करों
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- पारंपरिक उपचारकों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच सहयोग से स्थानीय समुदायों को क्या फायदे और चुनौतियाँ हो सकती हैं? उदाहरण दें।
- आनुवंशिक विविधता और माइक्रोबायोम पर रिसर्च से डिमेंशिया के निदान या इलाज में किस तरह मदद मिल सकती है? अपने विचार लिखें।
- डिजिटल आवाज़ विश्लेषण और बायोमार्कर जोड़ने जैसी नई तकनीकें शुरुआती पहचान बदल सकती हैं। इसे लागू करने में किन सामाजिक या व्यावहारिक बाधाओं का सामना हो सकता है?