एक अंतरराष्ट्रीय शोध दल ने स्तन कैंसर की रकरेंस की भविष्यवाणी के लिए एक बहु‑मोडल AI परीक्षण विकसित किया है। परीक्षण रूटीन क्लिनिकल डेटा और पैथोलॉजी स्लाइड्स को संयुक्त रूप से उपयोग में लेता है; क्लिनिकल इनपुट में ट्यूमर स्टेज, मरीज की आयु और हार्मोन‑रिसेप्टर स्थिति शामिल थीं।
शोध में बताया गया है कि यह AI परीक्षण मौजूदा जीनोमिक परीक्षणों की तुलना में तेज और सस्ता हो सकता। जीनोमिक परीक्षणों में कई हफ्ते लग सकते हैं और वे ऊतक का उपयोग करते हैं जिसे बाद में नष्ट कर दिया जाता है। परीक्षण का मूल्यांकन अनेक देशों और रोगी समूहों के हजारों मामलों पर किया गया।
लेखकों ने कहा कि AI ने उच्च‑जोखिम और निम्न‑जोखिम मरीजों के बीच अंतर किया और कुछ उपप्रकारों, जैसे ट्रिपल‑नेगेटिव और HER2‑पॉज़िटिव कैंसर में भी अच्छा प्रदर्शन दिखाया। हालांकि, वे बताते हैं कि इलाज के निर्णय के लिए इसे उपयोग करने से पहले पूर्ण रैंडमाइज्ड क्लिनिकल ट्रायल्स आवश्यक हैं। कुछ लेखकों के Ataraxis AI में हित भी बताए गए हैं।
कठिन शब्द
- बहु‑मोडल — अलग प्रकार के डेटा एक साथ उपयोग करना
- क्लिनिकल — अस्पताल या मरीज से जुड़ा चिकित्सकीय जानकारी
- जीनोमिक — जीनों से जुड़ा परीक्षण या जानकारी
- रकरेंस — कैंसर या बीमारी का फिर से होना
- मूल्यांकन — किसी चीज़ की जांच और परख करना
- उपप्रकार — बड़े समूह के भीतर छोटा विशेष प्रकारउपप्रकारों
- रैंडमाइज्ड — यादृच्छिक तरीके से किए जाने वाला परीक्षण
- हित — किसी व्यक्ति या संगठन का लाभ या संबंध
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- अगर यह परीक्षण वास्तव में तेज और सस्ता है, तो यह मरीजों के लिए कैसे मददगार हो सकता है?
- लेखकों ने रैंडमाइज्ड ट्रायल्स की बात की। आप क्यों समझते हैं ये ट्रायल्स जरूरी हैं?
- हितों का खुलासा किया गया है। आपको क्यों लगेगा यह जानकारी महत्वपूर्ण है?
संबंधित लेख
मस्तिष्क शब्दों की बजाय व्याकरणिक समूहों की भविष्यवाणी करता है
Nature Neuroscience में प्रकाशित नए शोध के अनुसार मानव मस्तिष्क अगला शब्द अकेले नहीं देखता, बल्कि व्याकरणिक वाक्यांशों (constituents) के आधार पर भविष्यवाणियाँ करता है। यह खोज बड़े भाषा मॉडलों के काम और मस्तिष्क प्रक्रियाओं के बीच फर्क दिखाती है।