नोट्रे डेम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने यह निष्कर्ष दिया कि पारंपरिक (linear) टीवी विज्ञापन अपेक्षा से कम प्रभावी हैं। शोध टीम ने LG स्मार्ट टीवी से सैकंड-बाय-सेकंड देखने के डिजिटल डेटा को फूड डिलीवरी ऐप के वास्तविक खरीद डेटा से जोड़ा। अध्ययन चार महीने चला और इसमें स्वैच्छिक रूप से भाग लेने वाले लाखों घरों के व्यवहार का विश्लेषण शामिल था।
टीम का नेतृत्व Shijie Lu ने Mendoza College of Business से किया और सह-लेखक Tsung-Yiou Hsieh व Rex Yuxing Du हैं। अध्ययन विशेष रूप से NBC और ABC जैसे प्रसारण नेटवर्क पर केंद्रित था; इसमें Hulu या Amazon जैसी स्ट्रीमिंग ऐप का ट्रैक नहीं किया गया। परिणाम Marketing Science जर्नल में प्रकाशित हुए।
विश्लेषण ने लाइव प्रोग्राम के दौरान विज्ञापनों के प्रसारण समय में प्राकृतिक अंतर का उपयोग कर एक नेचुरल एक्सपेरिमेंट बनाया। इससे पता चला कि पारंपरिक रेटिंग और समग्र मार्केट डेटा पर आधारित मापन फूड डिलीवरी विज्ञापनों के प्रभाव का करीब 55% तक अधिक अनुमान लगा देते हैं। शोध से व्यावहारिक निष्कर्ष भी मिले: प्रोमोशन पहली खरीद पर रिटेंशन बढ़ाते हैं; दर्शक की प्रतिक्रिया खरीद के दो दिन के भीतर उच्चतम रहती है, और जिन ग्राहकों ने पहले दो से चार बार ऑर्डर किया होता है, उनकी सहभागिता सर्वाधिक होती है। युवा, तकनीकी रूप से कुशल खेल प्रशंसक छोटे-उम्र के समाचार दर्शकों की तुलना में बेहतर प्रतिक्रिया देते हैं।
लेखक बताते हैं कि विज्ञापन एक्सपोज़र के समय को अलग करना निवेश पर रिटर्न की अधिक सटीक माप संभव बनाता है और केवल जनसांख्यिकी के बजाय वास्तविक खरीद व्यवहार के आधार पर टीवी विज्ञापन लक्षित करने में मदद कर सकता है।
कठिन शब्द
- पारंपरिक — परंपरा या आम तरीके के अनुसार होने वाला
- विश्लेषण — किसी विषय के डेटा और जानकारी की जांच
- स्वैच्छिक — इच्छा से किया गया, बिना किसी मजबूरी के
- प्रसारण नेटवर्क — टेलीविजन पर कार्यक्रम व विज्ञापन दिखाने वाला चैनल
- स्ट्रीमिंग ऐप — इंटरनेट पर वीडियो और शो देने वाली सेवा
- रिटेंशन — ग्राहकों का बार-बार लौटना या बने रहना
- नेचुरल एक्सपेरिमेंट — प्राकृतिक अंतर का इस्तेमाल कर बनाया गया परीक्षण
- एक्सपोज़र — किसी चीज़ के सामने लाए जाने की अवधि
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- यदि कंपनियाँ टीवी विज्ञापन को वास्तविक खरीद व्यवहार के आधार पर लक्षित करें, तो उनका विज्ञापन बजट किस तरह बदल सकता है? कारण बताइए।
- टीवी देखने के डिजिटल डेटा और खरीद डेटा को जोड़ने से उपभोक्ता गोपनीयता पर किस तरह की चिंताएँ हो सकती हैं? उदाहरण दीजिए।
- प्रसारण नेटवर्क और स्ट्रीमिंग ऐप के लिए विज्ञापन रणनीति में क्या प्रमुख अंतर होने चाहिए, और क्यों?