फीफा वर्ल्ड कप के मैचों में दर्शक कई भिन्न तरह के फुटबॉल क्षण देख रहे हैं: तेज शॉट, मोड़दार कोर्नर किक्स और नायाब सेव। ये क्षण न केवल खेल की कला हैं बल्कि गेंद की हवा में चाल और उसके रास्ते के भौतिक व्यवहार के परिणाम भी हैं।
Michigan State University के भौतिक विज्ञानी Stuart Tessmer बताते हैं कि मैच में दिखाई देने वाली घटनाएँ मौलिक भौतिक अवधारणाओं से समझी जा सकती हैं। वे तीन व्यापक कारकों पर रोक देते हैं: बल, संवेग और वायु दबाव।
तस्वीर यह है कि शक्तिशाली शॉट में बल गेंद पर कैसे काम करता है, मोड़ वाले कोर्नर यह दिखाते हैं कि गति किस तरह दिशा बदलती है, और शानदार सेव में गति, द्रव्यमान और संपर्क की परस्पर क्रियाएँ होती हैं। यह व्याख्या मैदान पर देखे जाने वाले दृश्यों को कक्षा की भौतिकी से जोड़ती है।
कठिन शब्द
- बल — किसी वस्तु पर असर करने वाली ताकत
- संवेग — गति और द्रव्यमान का गुणनफल
- वायु दबाव — हवा का किसी वस्तु पर लगने वाला दबाव
- द्रव्यमान — किसी वस्तु में मौजूद पदार्थ की मात्रा
- परस्पर क्रिया — दो या अधिक चीजों का आपस में असरपरस्पर क्रियाएँ
- कोर्नर — मैदान के कोने से दी जाने वाली किक
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चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि भौतिकी की समझ खिलाड़ियों की ट्रेनिंग में मदद कर सकती है? क्यों?
- आपने कभी किसी मैच में ऐसा मोड़दार कोर्नर देखा है? उस पल का अनुभव बताइए।
- अगर आप कोर्नर या शॉट में बदलाव करना चाहें तो आप किन भौतिक कारकों पर ध्यान देंगे और क्यों?