स्तर A2 – प्राथमिक / एलिमेंटरीCEFR A2
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University of Missouri के शोधकर्ताओं ने मछली मॉडल का प्रयोग कर पोटेशियम पर्क्लोरेट के प्रभाव जाँचे। अध्ययन का नेतृत्व रामजी भंडारी ने किया। उन्होंने मेडाका नामक जापानी राइस फिश चुनी क्योंकि इनकी प्रजनन प्रक्रियाएँ मनुष्यों से मिलती-जुलती हैं।
नर मछलियों को पोटेशियम पर्क्लोरेट के संपर्क में रखने से प्रजनन क्षमता घट गई और अंडकोष में क्षति देखी गई। दूसरे समूह को पोटेशियम पर्क्लोरेट के साथ विटामिन C भी दिया गया, और इस समूह में प्रजनन बेहतर रहा तथा क्षति कम दिखी। शोध कहते हैं कि विटामिन C एक एंटीऑक्सिडेंट के रूप में सुरक्षा कर सकता है, पर मानवों के लिए और अनुसंधान की आवश्यकता है।
कठिन शब्द
- शोधकर्ता — किसी विषय पर नया ज्ञान खोजने वाला व्यक्तिशोधकर्ताओं
- प्रयोग — किसी चीज़ का परीक्षण करने की क्रिया
- पोटेशियम पर्क्लोरेट — एक रसायन जो प्रयोगों में इस्तेमाल होता है
- प्रजनन — सजीवों के बच्चे पैदा करने की प्रक्रियाप्रजनन प्रक्रियाएँ, प्रजनन क्षमता
- अंडकोष — नर जानवरों का प्रजनन अंग
- एंटीऑक्सिडेंट — रसायन जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि विटामिन C अन्य प्राणियों में भी सुरक्षा कर सकता है? क्यों?
- क्या आपने कभी किसी वैज्ञानिक प्रयोग के बारे में पढ़ा या देखा है? अनुभव बताइए।
- यदि आप इस शोध को आगे बढ़ाएँगे तो अगला कदम क्या होगा?