शोध दल ने क्वांटम यांत्रिक सिमुलेशनों से यह दिखाया कि पराबैंगनी (UV) प्रकाश बर्फ की रसायन और प्रकाश अवशोषण को कैसे बदलता है। यह काम University of Chicago Pritzker School of Molecular Engineering और Abdus Salam International Centre for Theoretical Physics (ICTP) के शोधकर्ताओं ने मिलकर किया और नतीजे Proceedings of the National Academy of Sciences में प्रकाशित हुए। प्रोफेसर Giulia Galli ने बताया कि पहले इतनी उच्च सटीकता से यह मॉडलिंग नहीं की गई थी, और ICTP के Ali Hassanali ने कहा कि अब वे एक चुनौतीपूर्ण समस्या को सुलझाना शुरू कर सकते हैं।
टीम ने चार अलग तरह की बर्फ के मॉडल बनाए ताकि दोषों के प्रभाव अलग-अलग तरीके से देखा जा सके:
- पूर्ण क्रिस्टल जाल में दोष-रहित बर्फ।
- एक रिक्ति वाली बर्फ, जहाँ एक पानी अणु गायब है।
- संरचना में जमा किए गए हाइड्रॉक्साइड आयन वाली बर्फ।
- Bjerrum दोष वाली बर्फ, जहाँ हाइड्रोजन-बॉन्डिंग नियम उल्लंघन होते हैं।
सिमुलेशनों ने दिखाया कि इन दोषों से UV अवशोषण की शुरुआत और विशेषताएँ बदलती हैं। Bjerrum दोष लंबे UV संपर्क के बाद देखे गए अनसुलझे अवशोषण विशेषताओं की व्याख्या कर सकते हैं। आण्विक स्तर पर UV प्रकाश पानी के अणुओं को तोड़कर हाइड्रोनियम आयन, हाइड्रॉक्सिल रेडिकल और मुक्त इलेक्ट्रॉन बना सकता है; दोषों के अनुसार ये इलेक्ट्रॉन फैल सकते हैं या गुहाओं में फँस सकते हैं।
टीम अब प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर अपने पूर्वानुमानों का परीक्षण कर रही है और एक से अधिक दोष, सतहों तथा पिघलते पानी के साथ बर्फ का मॉडल बनाने की योजना बना रही है। यह काम पर्माफ्रॉस्ट से गैस रिलीज और Europa तथा Enceladus जैसे बर्फीले चंद्रमाओं की रसायनशास्त्र से जुड़े अध्ययनों को जानकारी देगा। धनराशि European Commission, CINECA supercomputing, MareNostrum5 और MICCoM के माध्यम से Argonne National Laboratory और Department of Energy से मिली।
कठिन शब्द
- क्वांटम — अत्यन्त छोटे स्तर पर भौतिक गुण
- दोष — किसी संरचना में मौजूद गड़बड़ी या त्रुटिदोषों
- अवशोषण — ऊर्जा या विकिरण को रोककर लेना
- हाइड्रोनियम — पानी से बनने वाला सकारात्मक आयन
- हाइड्रॉक्सिल — एक मुक्त रूप में सक्रिय रासायनिक समूह
- गुहा — भीतर की खाली जगह या खोखला स्थानगुहाओं
- पर्माफ्रॉस्ट — दीर्घकालीन जमी हुई जमीन या मिट्टी
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- यह मॉडलिंग पर्माफ्रॉस्ट और बर्फीले चंद्रमाओं के रसायनशास्त्र के अध्ययन में कैसे मदद कर सकती है? उदाहरण देकर समझाइए।
- यदि आप प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर इन पूर्वानुमानों का परीक्षण कर रहे हों, तो किन प्रमुख प्रयोगों या मापों पर ध्यान देंगे? वजह बताइए।
- बर्फ में विभिन्न प्रकार के दोषों का प्रभाव स्थानीय वातावरण या गैस रिलीज पर क्या निहिताएँ ला सकता है? अपने विचार लिखिए।