Tufts के शोध में असली सॉरडो कल्चर से माइक्रोब अलग किए गए और उनकी वृद्धि अकेले और जोड़ों में मापी गई। शोधकर्त्ताओं ने उन मापों से एक जोड़ीवार मॉडल बनाया और फिर बड़ी समूहों में इसका परीक्षण किया।
मॉडल ने अक्सर सही बताया कि कौन से माइक्रोब सह-अस्तित्व बनाए रखेंगे और उनकी सापेक्ष प्रचुरता क्या होगी। उन्होंने पाया कि जब मॉडल में रोज़ खिलाने से होने वाला आबादी का घटना और फिर बढ़ना शामिल किया गया, तो भविष्यवाणी बेहतर हुई। धीमी बढ़ने वाली प्रजातियाँ तेज़ बढ़ने वालों को बाहर नहीं कर पातीं।
कठिन शब्द
- जोड़ीवार — दो घटकों के बीच संबंध का तरीका
- सापेक्ष प्रचुरता — एक समुदाय में किसी जीव की मात्रा की तुलना
- सह-अस्तित्व — एक साथ अलग-अलग जीव का मौजूद रहना
- भविष्यवाणी — आगामी घटना के होने का अनुमान
- प्रजाति — एक तरह के जीवों का समूहप्रजातियाँ
- वृद्धि — किसी चीज की मात्रा या आकार बढ़ना
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चर्चा के प्रश्न
- आपको क्यों लगता है कि रोज़ खिलाने से मॉडल की भविष्यवाणी बेहतर हुई?
- क्या आपने कभी सॉरडो कल्चर देखा है? अपना अनुभव बताइए।
- क्या आप सोचते हैं धीमी प्रजातियाँ तेज़ बढ़ने वालों को हरा सकती हैं? क्यों या क्यों नहीं?
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