शोधकर्ताओं ने रक्त-आधारित विशिष्ट बायोमार्कर पहचाने हैं जो इन्फ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर (IBC) को अन्य स्तन कैंसर उपप्रकारों से अलग कर सकते हैं। यह खोज IBC का पहले पता लगाने, रोग की प्रगति की निगरानी करने और इस आक्रामक कैंसर के रोगियों के लिए इलाज विकसित करने के लिए कम आक्रामक मार्ग प्रदान करती है। अध्ययन Science Advances में प्रकाशित हुआ है।
टीम ने TGIRT नामक Thermostable Group II Intron Reverse Transcriptase आधारित RNA अनुक्रमण विधि का प्रयोग किया, जिसे Alan Lambowitz की टीम ने UT Austin में विकसित किया था। क्लिनिकल नमूने और चिकित्सीय अंतर्दृष्टि Savitri Krishnamurthy (The University of Texas MD Anderson Cancer Center) और Naoto Ueno से आईं; Ueno उस समय UT MD Anderson के Morgan Welch Inflammatory Breast Cancer Program and Clinic में प्रोफेसर थे और अब University of Hawai’i Cancer Center के निदेशक हैं।
परिणामों में पाया गया कि IBC रोगियों के रक्त में नॉन-कोडिंग RNA का स्तर और श्वेत रक्त कोशिका गणना स्वस्थ या गैर-IBC रोगियों की तुलना में अधिक थी। इस पैटर्न से प्रतिरक्षा सक्रियण और RNA स्प्लाइसिंग में असंतुलन का संकेत मिलता है, जिससे mRNA का उत्पादन कम होता दिखाई दिया। साथ ही प्लाज्मा में IBC नमूनों में अनेक इंट्रॉन RNA खंड मिले, जबकि स्वस्थ प्लाज्मा में अधिकतर mRNA खंड थे; यह फर्क ट्यूमर, परिधीय रक्त कोशिकाओं और प्लाज्मा में समान रूप से दिखा।
TGIRT का लाभ यह था कि यह अधिक टिकाऊ एंजाइम है जो चरम परिस्थितियों को सहन कर सकता है और जटिल तथा खंडित RNA को कैप्चर कर सकता है, इसलिए प्रत्येक नमूने में RNA प्रकारों और मात्राओं का अधिक पूरा चित्र मिल पाया। शोधकर्ताओं ने कई संभावित रक्त-आधारित संकेतक पहचाने जो IBC के निदान, निगरानी और नए उपचारों के विकास को बेहतर कर सकते हैं। इस कार्य का वित्तपोषण National Institutes of Health, The Welch Foundation, the Breast Cancer Research Foundation, the UT MD Anderson Morgan Welch Inflammatory Breast Cancer Research Program and Clinic, और the State of Texas Rare and Aggressive Breast Cancer Research Program ने किया। लेख में लेखकों और खुलासों की पूरी सूची Science Advances में उपलब्ध है। स्रोत: UT Austin।
कठिन शब्द
- बायोमार्कर — रोग की उपस्थिति या प्रगति दिखाने वाला जैविक संकेत
- नॉन-कोडिंग RNA — प्रोटीन नहीं बनवाने वाला आरएनए अणु
- इंट्रॉन — DNA में मौजूद हटाये जाने वाला RNA खंड
- स्प्लाइसिंग — RNA से कुछ हिस्से हटाने की प्रक्रिया
- प्लाज्मा — खूनी तरल जो रक्त कोशिकाओं के बिना रहता है
- TGIRT — एक टिकाऊ एंजाइम जो RNA अनुक्रमण में मदद करता है
- प्रतिरक्षा सक्रियण — शरीर की सुरक्षा प्रणाली का सक्रिय होना
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चर्चा के प्रश्न
- रक्त-आधारित बायोमार्करों का इस्तेमाल IBC के निदान और निगरानी में किन व्यवहारिक लाभों और सीमाओं का कारण बन सकता है?
- TGIRT जैसी टिकाऊ एंजाइम-आधारित तकनीकें कैंसर अनुसंधान और रोगी देखभाल को कैसे प्रभावित कर सकती हैं?
- इस अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर अगला वैज्ञानिक या चिकित्सीय कदम क्या होना चाहिए ताकि नए उपचार विकसित किए जा सकें?
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