शोधकर्ताओं ने यह नोट किया है कि ऑटिस्टिक और गैर-ऑटिस्टिक लोगों के संवाद में अंतर सामाजिक जीवन और कार्यस्थल पर असर डाल सकते हैं क्योंकि वे अलग संकेतों और अर्थों पर निर्भर होते हैं। ऑटिस्टिक लोग अक्सर शरीरभाषा या आवाज़ के रंग जैसे गैर-मौखिक संकेतों पर कम भरोसा करते हैं, रूपक भाषा को कभी-कभी शाब्दिक लेते हैं और सीधी, स्पष्ट भाषा को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे मतभेदों से अप्रत्यक्ष अनुरोधों का अलग तरीके से मतलब निकाला जा सकता है।
Tufts की टीम ने इन चुनौतियों के समाधान के लिए NeuroBridge बनाया, जो बड़े भाषा मॉडलों का उपयोग करता है। सिस्टम उपयोगकर्ता जानकारी के आधार पर एक संवाद परिदृश्य बनाता है और हर बातचीत के बिंदु पर तीन उत्तर विकल्प देता है जिनका अर्थ समान होता है पर टोन, स्पष्टता या वाक्यरचना में भिन्नता रहती है। एक उदाहरण में उपकरण बर्फ हटाने की गति तेज करने के तीन तरीके दिखाता है; दो विकल्प हाँ/ना शैली में हैं जबकि तीसरा स्पष्ट रूप से सलाह माँगता है।
परियोजना के नेतृत्व वाले पीएचडी छात्र Rukhshan Haroon ने स्पष्ट किया कि NeuroBridge कोई ऑन-डिमांड अनुवादक नहीं है, बल्कि यह गैर-ऑटिस्टिक लोगों को क्रॉस-न्यूरोटाइप संवाद का प्रत्यक्ष अनुभव देकर भविष्य में अपनी भाषा बदलने का अभ्यास देता है। एसोसिएट प्रोफेसर Fahad Dogar ने कहा कि यह दृष्टिकोण विकलांगता के सामाजिक मॉडल का पालन करता है। टीम ने ऑटिस्टिक स्वयंसेवकों के एक बोर्ड से लगातार फ़ीडबैक लेकर डिजाइन और सटीकता सुधारी।
शोधकर्ताओं ने उपकरण को 12 व्यक्तियों के साथ परीक्षण किया और सकारात्मक प्रतिक्रिया दर्ज की। प्रतिभागियों ने कहा कि मिलने वाला फ़ीडबैक यह समझना आसान बनाता है कि बातचीत के कौन से हिस्से ऑटिस्टिक व्यक्ति द्वारा अलग तरह से ग्रहण किए जा सकते हैं। टीम अब देख रही है कि NeuroBridge को Tufts के न्यूरोडाइवर्स छात्रों के समर्थन में कैसे लागू किया जाए, विभागों और StAAR Center जैसे कैंपस संसाधनों के साथ किस तरह काम किया जाए, और इसके प्रभाव को मापने तथा स्केल करने के तरीके क्या हो सकते हैं।
कठिन शब्द
- ऑटिस्टिक — मस्तिष्क विकास में अलग तरह होने की स्थितिऑटिस्टिक लोगों, ऑटिस्टिक व्यक्ति, ऑटिस्टिक स्वयंसेवकों
- गैर-ऑटिस्टिक — ऑटिस्टिक नहीं होने वाले संचार करने वाले लोगगैर-ऑटिस्टिक लोगों
- गैर-मौखिक — बोलकर नहीं दिए जाने वाले संकेत और हावभावगैर-मौखिक संकेतों
- रूपक — बात को सीधे न कहकर उदाहरणात्मक अर्थ देनारूपक भाषा
- शाब्दिक — लिखे या बोले शब्दों का ठीक वही मतलब समझनाशाब्दिक लेते
- वाक्यरचना — वाक्यों को बनाने और जोड़ने का तरीकावाक्यरचना में
- फ़ीडबैक — किसी काम या डिजाइन पर मिलने वाली प्रतिक्रियामिलने वाला फ़ीडबैक
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- NeuroBridge जैसे उपकरण कार्यस्थल पर क्रॉस-न्यूरोटाइप संवाद में कैसे मदद कर सकते हैं? अपने विचार और एक उदाहरण दें।
- ऑटिस्टिक और गैर-ऑटिस्टिक लोगों के संवाद में छोटे बदलाव करने से किन तरह के लाभ या चुनौतियाँ आ सकती हैं? कारण बताइए।
- क्यों टीम ने ऑटिस्टिक स्वयंसेवकों से लगातार फ़ीडबैक लिया और यह प्रक्रिया अन्य परियोजनाओं में कब उपयोगी हो सकती है? उदाहरण दें।