Tufts University के शोधकर्ताओं ने NeuroBridge नामक एआई उपकरण बनाया है ताकि न्यूरोटिपिकल लोग ऑटिस्टिक लोगों के संवाद को बेहतर तरीके से समझ सकें। ऑटिस्टिक लोग अक्सर शरीरभाषा या आवाज़ के रंग पर कम भरोसा करते हैं और रूपक या व्यंग्य को शाब्दिक समझ सकते हैं। इसलिए वे स्पष्ट और सीधे शब्दों को तरजीह देते हैं।
NeuroBridge बड़े भाषा मॉडलों का उपयोग करता है और बातचीत के लिए तीन अलग जवाब विकल्प देता है। यह तुरंत अनुवादक नहीं है बल्कि लोगों को बातचीत का अनुभव दे कर उनकी भाषा बदलने में मदद करता है। कुछ परीक्षणों में प्रतिभागियों ने फ़ीडबैक को उपयोगी बताया और टीम आगे इसे कैंपस समर्थन में काम में लाने की योजना बना रही है।
कठिन शब्द
- न्यूरोटिपिकल — सामान्य सोच और व्यवहार वाले लोग
- रूपक — एक विचार को चित्र जैसा दर्शाने वाला शब्द
- व्यंग्य — हँसी में कड़वा अर्थ व्यक्त करने का तरीका
- तरजीह — किसी चीज़ को अधिक महत्त्व देना
- अनुवादक — एक भाषा से दूसरी भाषा का शब्द बदलने वाला
- फ़ीडबैक — किसी काम पर दिया गया प्रतिक्रिया या सलाह
- प्रतिभागी — कोई व्यक्ति जो परीक्षण या कार्यक्रम में भाग लेप्रतिभागियों
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आपको लगता है कि स्पष्ट और सीधे बोलना दूसरों के साथ बातचीत आसान बनाता है? क्यों?
- अगर कोई उपकरण आपकी भाषा बदलने में मदद करे तो आप उसे इस्तेमाल करेंगे? क्यों या क्यों नहीं?
- क्या आप सोचते हैं कि यह तरह के उपकरण कैंपस समर्थन में काम आएँगे? कैसे?