इंडोनेशिया में महिला पत्रकारों के खिलाफ डिजिटल हिंसा बढ़ीCEFR B1
15 नव॰ 2025
आधारित: Irma Garnesia, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Alexa Serafin, Unsplash
महिला पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ डिजिटल हमले पिछले पाँच वर्षों में और स्पष्ट हुए हैं। हमले समन्वित गाली-गलौज, फैंडम अभियान और व्यक्तिगत हमलों तक फैलते हैं। कुछ पीड़ितों पर डॉक्सिंग, फोटो में छेड़छाड़ और खाता हैकिंग के साथ DDoS हमला भी हुआ। उदाहरण के तौर पर Magdalene पर मई 2020 में भारी DDoS हमला दर्ज हुआ।
2021 के PR2Media सर्वे में 1,256 महिला पत्रकारों में 85.7% ने किसी न किसी हिंसा का अनुभव बताया और 70.1% ने कहा कि यह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह हुआ। SAFEnet ने डॉक्सिंग, ऑनलाइन निगरानी, फोटो छेड़छाड़, खाता हैकिंग और संगठित उत्पीड़न जैसे रूपों का दस्तावेजीकरण किया है।
पीड़ितों को अक्सर संस्थागत सुरक्षा कम मिलती है। कुछ संपादक स्टाफ को सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह देते हैं। मीडिया समूह AJI और LBH Pers के साथ समन्वय होता है, पर प्रतिक्रियाएँ निवारक नहीं रहतीं।
कठिन शब्द
- महिलाओं — लड़कियाँ और बड़ी लड़कियाँ।
- पत्रकारों — खबरों को लिखने वाले लोग।
- उत्पीड़न — किसी को दुख या नुकसान पहुँचाना।
- समस्या — कोई कठिनाई या चुनौती।
- सुरक्षा — खतरे से बचाने के उपाय।
- हिंसा — शारीरिक या मानसिक नुकसान देना।
- जानकारी — कुछ जानने की बात।
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आपके अनुसार डिजिटल हिंसा की समस्या का समाधान कैसे हो सकता है?
- क्या आपको लगता है कि संस्थाएं पर्याप्त सुरक्षा उपाय कर रही हैं?
- महिलाओं की सुरक्षा के लिए किस तरह की कानून की आवश्यकता है?