एक अंतरराष्ट्रीय शोध टीम ने लेज़रों का उपयोग कर माइक्रोन-आकार के उपकरणों — मेटाजेट्स — को सटीक तीन-आयामी नियंत्रित नेविगेशन दिया है। यह ऑप्टिकल प्रणोदन के क्षेत्र में एक अहम प्रगति है और यह संकेत देता है कि भविष्य में पारंपरिक ईंधन के बिना वस्तुओं, छोटे उपकरणों से लेकर संभवतः अंतरिक्षयान तक, को बिना भौतिक सम्पर्क के स्थानांतरित और नियंत्रित किया जा सकता है। कार्य Texas A&M विश्वविद्यालय की मैकेनिकल इंजीनियरिंग टीम ने शाओफेंग लैन के नेतृत्व में किया और परिणाम Newton में प्रकाशित हुए।
प्रत्येक मेटाजेट एक मेटासर्फेस पर आधारित है — नैनो-स्केल पर पैटर्न की गई अति-पतली परत जो प्रकाश की दिशा और गुण बदल देती है। शोधकर्ताओं ने मेटासर्फेस का आकार, अभिविन्यास और स्थान डिज़ाइन कर यह नियंत्रित किया कि प्रकाश कितना संवेग वस्तु को स्थानांतरित करे; इस तरह मापनीय बल उत्पन्न हुआ। लैन ने इसे पिंग-पाँग गेंदों और सतह के टकराने की तरह समझाया: परावर्तन के साथ संवेग का हस्तांतरण वस्तु को धक्का देता है।
यह पद्धति बीम-आकृति बदलने वाली कुछ अन्य विधियों से अलग है क्योंकि नियंत्रित गुण सामग्री में बने रहते हैं, जिससे बल का उत्पादन अधिक लचीला होता है और स्केल करने की सम्भावना मिलती है। शोध बताते हैं कि उत्पन्न बल उपकरण के आकार पर नहीं बल्कि प्रकाश की शक्ति पर निर्भर करता है, इसलिए पर्याप्त ऑप्टिकल पावर होने पर यही सिद्धांत सूक्ष्म प्रणालियों से आगे भी लागू हो सकता है।
वर्तमान उपकरण केवल कुछ दस माइक्रन आकार के हैं, जो मानव बाल की चौड़ाई से छोटे हैं, और इन्हें Texas A&M की AggieFab Nanofabrication Facility में नैनो-स्तरीय सटीकता से बनाया गया। टीम ने द्रव परिवेश में परीक्षण कर गुरुत्वाकर्षण को संतुलित करके गति का अवलोकन किया और अब माइक्रोगुरुत्व में और परीक्षण करने के लिए बाहरी धन की तलाश कर रही है। यह काम यूरोपीय और अमेरिकी समूहों, जैसे California Institute of Technology और Rochester Institute of Technology, के संबंधित शोधों से जुड़ता है और निष्कर्ष बताते हैं कि प्रकाश कैसे बल उत्पन्न करता है; इससे कुछ मतों के अनुसार अगले 20 वर्षों में अल्फा सेंटॉरी तक यात्रा संभव करने की राह दिख सकती है।
कठिन शब्द
- मेटाजेट — माइक्रोन-आकार के छोटे नियंत्रित उपकरणमेटाजेट्स
- मेटासर्फेस — बहुत पतली परत जो प्रकाश की दिशा बदलती है
- संवेग — किसी वस्तु की गति और द्रव्यमान का गुणा
- प्रणोदन — किसी वस्तु को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया
- नैनो-स्केल — बहुत छोटे आकारों को मापने का पैमाना
- परावर्तन — रोशनी का किसी सतह से वापस लौटना
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चर्चा के प्रश्न
- ऑप्टिकल प्रणोदन के कौन से फायदे पारंपरिक ईंधन-आधारित प्रणोदन की तुलना में हो सकते हैं? कारण बताएँ।
- लेख में कहा गया है कि उत्पन्न बल प्रकाश की शक्ति पर निर्भर है। इसका अर्थ क्या है और बड़े उपकरणों के लिए किस तरह की चुनौतियाँ आ सकती हैं?
- यदि यह तकनीक स्केल कर के बड़ी प्रणालियों में लागू हुई, तो यह किन‑किन वास्तविक अनुप्रयोगों में उपयोगी हो सकती है? उदाहरण दें।
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