युगांडा के शोधकर्ताओं ने चमड़ा टैनरी के अपशिष्ट से कॉफ़ी के लिए एक नया जैविक उर्वरक विकसित किया है। परियोजना Simon Peter Musinguzi के नेतृत्व में हुई और इसे Science Granting Councils Initiative (SGCI) के तहत Uganda National Council for Science and Technology से 125 million Ugandan shillings (US$34,000) की फंडिंग मिली।
नए उत्पाद में पशु त्वचा से कोलेजन निकाला जाता है और उससे हाइड्रोजेल बनाया जाता है जिसे नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम से संवर्धित किया गया है। शोधकर्ता कहते हैं कि यह "स्मार्ट" उर्वरक है क्योंकि यह मिट्टी की जरूरत के अनुसार पोषक तत्व छोड़ता है और मिट्टी में नमी बनाए रखता है।
परीक्षण मसाका के एक कॉफ़ी फार्म पर किए गए और किसान Frank Matovu ने मजबूत परिणाम बताए। शोधकर्ता उम्मीद करते हैं कि वे इस साल नवंबर तक बाजार के लिए तैयार उत्पाद रख सकेंगे और आसपास के देशों में आपूर्ति कर सकेंगे।
कठिन शब्द
- टैनरी — चमड़ा रंगने और तैयार करने की फैक्टरी
- अपशिष्ट — उत्पादन या काम से बचा हुआ फालतू पदार्थ
- जैविक उर्वरक — प्राकृतिक स्रोत से बना पौधों के लिए खाद
- कोलेजन — जानवर की त्वचा का एक मुख्य प्रोटीन
- हाइड्रोजेल — पानी से भरा गदला पदार्थ जो नमी रखे
- संवर्धित — किसी चीज में अतिरिक्त गुण या तत्व जोड़े जाना
- पोषक तत्व — पौधे की वृद्धि के लिए आवश्यक रसायन
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चर्चा के प्रश्न
- क्या आप अपने बगीचे या खेत में ऐसे अपशिष्ट-आधारित उर्वरक का उपयोग करेंगे? बताइए क्यों या क्यों नहीं।
- ऐसे उर्वरक से स्थानीय किसानों और पर्यावरण को क्या फायदे हो सकते हैं?
- अगर यह उत्पाद आस-पास के देशों को भी सप्लाई होगा तो किसानों के लिए सबसे बड़ा चुनौती क्या हो सकती है?