क्रीमियन-कोंगो रक्तस्रावी बुखार (CCHF) एक गंभीर वायरल रोग है जो टिक और पशुधन से फैलता है और संक्रमितों में उच्च मृत्यु दर कर सकता है। वर्षों की खोज के बावजूद इस रोग के लिए अभी कोई अनुमोदित वैक्सीन या स्पष्ट उपचार नहीं है।
npj Vaccines में प्रकाशित नए चूहा अध्ययन में यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया, रिवरसाइड की एक टीम ने एक प्रायोगिक वैक्सीन की परीक्षा की। यह वैक्सीन वायरस-सदृश, अपने आप प्रतिकृत न करने वाला रीप्लिकॉन कण है जो कोशिकाओं में प्रवेश करता है पर संक्रमण नहीं फैलाता। अध्ययन से पता चला कि वैक्सीन ने चूहों में लंबे समय तक एंटीबॉडी ज़्यादा समय तक बनाए रखीं और बूस्टर देने पर प्रतिक्रिया मजबूत और स्थिर रही।
वैक्सीन सतही प्रोटीन की बजाय आंतरिक N प्रोटीन पर ध्यान देती है, जिसे शोधकर्ता सुरक्षात्मक प्रतिरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। अगले कदम GMP मानकों के तहत बड़े पैमाने पर उत्पादन और मानव क्लिनिकल परीक्षणों की तैयारी हैं।
कठिन शब्द
- रक्तस्रावी — खून बहने वाला और गंभीर रोग
- टिक — छोटा परजीवी जो काटता है
- पशुधन — खेत में पाले जाने वाले जानवर
- अनुमोदित — सरकारी या औपचारिक रूप से kabul किया हुआ
- रीप्लिकॉन — वायरस जैसा कण जो खुद नहीं बढ़ता
- प्रतिरक्षा — शरीर की बीमारी से लड़ने की क्षमता
- बूस्टर — पहली खुराक के बाद अतिरिक्त टीका खुराक
- मानक — निर्धारित गुणवत्ता या सुरक्षा के नियममानकों
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चर्चा के प्रश्न
- आप क्यों सोचते हैं कि शोधकर्ता सतही प्रोटीन की बजाय आंतरिक N प्रोटीन चुन रहे हैं?
- यदि यह वैक्सीन मनुष्यों में सफल हुई, तो इसका सार्वजनिक स्वास्थ्य पर क्या असर हो सकता है?
- GMP मानकों के तहत बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी में किन बातों पर ध्यान देना जरूरी होगा?