मिस्की उस्मान: मोगादिशु से नैरोबी तक का सफरCEFR B1
23 सित॰ 2025
आधारित: Mohamed Mohamud, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Brett Jordan, Unsplash
African Union Media Fellowship, International Consulting Expertise और European Union द्वारा समर्थित एक परियोजना ने मोगादिशु और नैरोबी में सोमाली प्रवासियों के कई इंटरव्यू प्रकाशित किए। यह फैलोशिप अफ्रीकी संघ सूचना और संचार निदेशालय के तहत चलती है और इसका लक्ष्य अफ्रीका के बारे में सामान्य कथाओं को बदलना है। श्रृंखला में प्रवासन, संस्कृति, रचनात्मक कला, सामुदायिक सक्रियता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषय शामिल हैं।
मिस्की उस्मान का करियर यूरोप और पूर्वी अफ्रीका के बीच रहा। वे स्वीडन में जन्मीं और यूनाइटेड किंगडम में पली-बढ़ीं। 2015 में मोगादिशु की यात्रा से उनका अनुभव गहरा हुआ; वह यात्रा छह महीने से बढ़कर चार वर्ष तक रहे और उन्होंने वहां शासन और लचीलापन से जुड़ी परियोजनाओं पर काम किया।
2020 तक वे नैरोबी चली गईं जहां अंतरराष्ट्रीय संस्थान केंद्रित हैं। उन्होंने रियल एस्टेट और पेट्रोलियम में निवेश शुरू किया और केन्या में सोमाली समुदाय की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को नोट किया। जनवरी 2024 में वे UNOPS में Project Governance Manager बनीं और वे आगे भी यूएन के साथ शासन और लचीलापन के काम में सक्रिय रहना चाहती हैं।
कठिन शब्द
- प्रवासी — जो लोग एक स्थान से दूसरे स्थान जाते हैं।
- संस्कृति — समुदाय की परंपराएँ और मान्यताएँ।
- अनुकूलन — नए हालात के अनुसार खुद को बदलना।
- सामुदायिक — समुदाय से जुड़ा हुआ।
- अनुभव — कुछ करने या देखने से मिला ज्ञान।
- परियोजनाएँ — खास काम या योजनाएँ जो करने के लिए बनाई जाती हैं।
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आपके अनुभव कैसे आपके अनुकूलन को प्रभावित करते हैं?
- आपका समुदाय आपके लिए कितना महत्वपूर्ण है?
- आपने अपने जीवन में अवसरों को कैसे पहचाना है?