नाइट्रोजन उर्वरक वैश्विक फसल पैदावार को बढ़ाते हैं, लेकिन पौधे मिट्टी में डाले गए उर्वरक का केवल 50 प्रतिशत ही अवशोषित कर पाते हैं। बची हुई खाद जल स्रोतों को प्रदूषित करती है और नाइट्रस ऑक्साइड गैस छोड़ती है। यह खतरनाक गैस सौ वर्षों की अवधि में कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में 273 गुना अधिक गर्मी रोकती है।
इस समस्या के समाधान के लिए न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी और अर्जेंटीना के वैज्ञानिकों ने HHO5 नामक मुख्य प्रोटीन की खोज की है। यह प्रोटीन पौधे को बताता है कि उसने कब पर्याप्त नाइट्रोजन ले लिया है। जब HHO5 अकेले काम करता है, तो यह पौधे को मिट्टी से और अकार्बनिक नाइट्रोजन लेने से रोकता है। लेकिन जब यह WRKY21 नामक दूसरे प्रोटीन से जुड़ता है, तो यह पौधों की सुरक्षा से जुड़े जीन को सक्रिय करता है।
प्रयोगों के दौरान वैज्ञानिकों ने एराबिडोप्सिस नामक छोटे पौधे का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि HHO5 की कमी वाले पौधों ने सामान्य पौधों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक नाइट्रोजन अवशोषित किया। इस प्रोटीन को नियंत्रित करके वैज्ञानिक ऐसी फसलें बनाना चाहते हैं जो अधिक नाइट्रोजन सोख सकें। इससे किसानों का खर्च घटेगा और पर्यावरण का नुकसान भी कम होगा। न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी ने इस तकनीक का पेटेंट भी दाखिल किया है।
कठिन शब्द
- उर्वरक — फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए उपयोग होने वाली खाद।
- अवधि — समय का एक निश्चित या तय किया गया भाग।
- अवशोषित — किसी वस्तु या पदार्थ को अंदर सोखने की क्रिया।
- प्रदूषित — गंदा या अस्वच्छ किया गया पर्यावरण या स्थान।
- सक्रिय — किसी कार्य या प्रक्रिया को चालू या शुरू करने वाला।
- नियंत्रित — किसी चीज़ को नियम के अनुसार अपने वश में रखना।
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- नाइट्रोजन उर्वरक का अत्यधिक उपयोग पर्यावरण के लिए हानिकारक क्यों माना जाता है?
- यदि ऐसी फसलें विकसित होती हैं जो अधिक नाइट्रोजन सोख सकें, तो इससे किसानों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?