नए अध्ययन में दिखाया गया है कि चूहों की भ्रूणीय स्टेम कोशिकाएँ डायापॉज़ जैसी स्थिति में भी किसी भी कोशिका प्रकार बनने की क्षमता रखती हैं। विविध तनाव एक साझा आणविक स्विच बदलते हैं।
शोध बताता है कि जलवायु झटके, बाढ़ और कीटफैसी से अफ्रीका में फसल हानि और खाद्य असुरक्षा बढ़ रही है। इससे किसानों की आय और राष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी की टीम ने MITE नामक नया कम्प्यूटेशनल उपकरण बनाकर चूहों के SCN में 8,000 से अधिक कोशिकाओं के बीच कनेक्शन का मानचित्र बनाया। उन्होंने छोटे हब कोशिकाओं के बिना सर्कैडियन समान्तरिकता टूटने का पता लगाया।
रॉकफेलर विश्वविद्यालय की टीम ने चूहों में Homer1 जीन के कम स्तर से पृष्ठभूमि मस्तिष्क गतिविधि घटने और ध्यान बेहतर होने का पता लगाया। यह शोध Nature Neuroscience में प्रकाशित हुआ।
वैज्ञानिकों ने COF और hBN मिलाकर एक नई सतह बनाई है जो प्रकाश का उपयोग कर पानी के कठिन प्रदूषकों को तोड़ती है। यह धातु-मुक्त, बार-बार उपयोगी और प्रयोगशाला स्थितियों में स्थिर पाई गई।
Science Advances में प्रकाशित अध्ययन से पता चलता है कि हाल के वर्षों में नई प्रजातियों की खोज की गति बढ़ी है। शोध ने खोज दरों का विश्लेषण किया और संभावित कुल प्रजातियों के अनुमान दिए हैं।
आइसलैंड के Fagradalsfjall ज्वालामुखी पर हुए तीन विस्फोटों के बाद शोधकों ने ताजी लावा में सूक्ष्मजीवों के आने के स्रोत और बदलती जैवविविधता का अध्ययन किया। उन्होंने लावा, बारिश और एयरोसोल के नमूने लेकर DNA विश्लेषण किया।
एक अध्ययन बताता है कि 2018–2023 के बीच concierge और direct primary care (DPC) मॉडलों की संख्या और इनमें काम करने वाले चिकित्सक बढ़े। शोधकर्ता और नीतिनिर्माताओं को इससे जुड़ी पहुंच और स्वामित्व परिवर्तन पर ध्यान देना चाहिए।
नए शोध में पाया गया है कि मैंग्रोव पेड़ों में छोटी कोशिकाएँ और मोटी कोशिका भित्तियाँ नमक वाले पानी में जीवित रहने में मदद करती हैं। अध्ययन में विभिन्न प्रजातियाँ और उनके रिश्तेदारों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया।
बड़े जनसंख्या‑डेटा पर नया शोध बताता है कि मानसिक स्वास्थ्य की स्थितियाँ रखने वाले लोगों में विभिन्न प्रकार की चोटें अधिक होती हैं। अध्ययन चोट‑रोकथाम को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल में जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देता है।
नए अध्ययन में वयस्क ऑटिस्टिक लोगों के मस्तिष्क में mGlu5 नामक ग्लूटामेट रिसेप्टर की उपलब्धता कम पाई गई। शोध में PET, MRI और EEG का उपयोग किया गया और इससे निदान व उपचार की संभावना चर्चा में आई।
विशेषज्ञ कहते हैं कि अफ्रीका में मानव, पशु और पर्यावरण के बीच बेहतर एकीकृत निगरानी चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि जानकारी के अलग सिस्टम और कम समन्वय प्रकोप पहचान और प्रतिक्रिया में देरी करते हैं।