Nature Communications में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया कि एक साधारण नाक का स्वाब शुरुआती जैविक बदलावों का पता लगा सकता है, जो सोच और स्मृति की समस्याएँ शुरू होने से पहले दिखते हैं। नमूना लेने की विधि में पहले नम्बिंग स्प्रे का उपयोग होता है और फिर क्लिनिकल रूप से एक छोटा ब्रश नाक के ऊपरी हिस्से में मार्गदर्शित किया जाता है, जहाँ गंध पहचानने वाली तंत्रिका कोशिकाएँ रहती हैं। इस तरह जीवित न्यूरल और प्रतिरक्षा कोशिकाएँ इकट्ठा की जाती हैं।
वैज्ञानिकों ने संकलित कोशिकाओं में सक्रिय जीनों को मापा ताकि मस्तिष्क में हो रहे प्रक्रियाओं के बारे में संकेत मिलें। अध्ययन ने सैकड़ों हज़ार कोशिकाओं में हजारों जीनों की जांच कर मिलियन्स डेटा पॉइंट्स बनाए। 22 प्रतिभागियों के तुलनात्मक नमूनों से एक संयुक्त नाक ऊतक जीन स्कोर विकसित हुआ, जिसने स्वस्थ नियंत्रणों से प्रारंभिक और क्लिनिकल अल्जाइमर को लगभग 81% मामलों में अलग किया।
रक्त परीक्षण आम तौर पर रोग के बाद के चरणों के मार्करों का पता लगाते हैं, जबकि नाक का स्वाब जीवित नर्व और इम्यून गतिविधि को पहले और अधिक सीधे दिखा सकता है। अध्ययन के पहले लेखक Vincent M. D’Anniballe ने कहा कि यह तरीका जीवित न्यूरल ऊतक का अध्ययन करने देता है और निदान व उपचार के नए अवसर खोलता है। Duke टीम, Duke & UNC Alzheimer’s Disease Research Center के साथ, बड़े समूहों पर शोध बढ़ा रही है और यह देख रही है कि क्या यह स्वाब समय के साथ उपचार के प्रभाव को ट्रैक कर सकता है। Duke ने इस दृष्टिकोण से संबंधित एक US patent दायर किया है और फंडिंग National Institutes of Health से आई।
कठिन शब्द
- स्वाब — ऊतक या तरल का नमूना लेने की विधि
- तंत्रिका कोशिका — जिससे संकेत और गंध का प्रसारण होता हैतंत्रिका कोशिकाएँ
- प्रतिरक्षा कोशिका — शरीर की रक्षा करने वाली कोशिकाप्रतिरक्षा कोशिकाएँ
- सक्रिय — जिसे काम करने की क्रिया हो
- निदान — रोग या स्थिति की पहचान करने की प्रक्रिया
- जीन स्कोर — जीन अभिव्यक्ति से निकला एक मापक मान
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चर्चा के प्रश्न
- यदि नाक का स्वाब शुरुआती जैविक बदलाव दिखा सके, तो मरीजों के निदान और उपचार में क्या फायदे हो सकते हैं? उदाहरण दें।
- बड़े समूहों पर यह तकनीक लागू करने में कौन‑सी नैतिक, तकनीकी या लॉजिस्टिक चुनौतियाँ आ सकती हैं?
- पेटेंट और बाहरी फंडिंग (जैसे NIH) इस तरह के शोध को कैसे प्रभावित कर सकती है—सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं के बारे में सोचिए।