नाइजीरिया की एक शोध टीम ने संग्रहित रक्त नमूनों का विश्लेषण किया। नमूने स्वस्थ वयस्कों से लिये गए थे जो एक वैक्सीन अध्ययन में शामिल थे। प्रतिभागियों ने वयस्क होने पर एमपॉक्स या चेचक का टीका नहीं लिया था और किसी को ज्ञात संपर्क भी नहीं था।
परिणाम दिखाते हैं कि 14 प्रतिशत प्रतिभागियों में पुराने चेचक टीकाकरण से जुड़ी एंटीबॉडी बनी रहीं। फॉलो-अप नमूनों में लगभग 3 प्रतिशत में हालिया एमपॉक्स एक्सपोजर के अनुरूप नई प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया मिली, जबकि उन लोगों ने लक्षण दर्ज न किए थे।
शोध कहते हैं कि निगरानी केवल दिखने योग्य लक्षण पर निर्भर होने से छिपे संक्रमण नहीं पकड़ पाती। विशेषज्ञों ने कहा कि रक्त में एंटीबॉडी जांच छिपे प्रसार का पता लगाने में मदद कर सकती है।
कठिन शब्द
- एंटीबॉडी — शरीर में वायरस से लड़ने वाले प्रोटीन
- प्रतिरक्षा — शरीर की बीमारी से लड़ने की क्षमताप्रतिरक्षा प्रतिक्रिया
- निगरानी — बीमारी के मामलों पर नजर रखना
- संक्रमण — वह बीमारी जो दिखायी नहीं देतीछिपे संक्रमण
- प्रसार — किसी बीमारी का फैलना या बढ़ना
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चर्चा के प्रश्न
- लक्षण न दिखने पर बीमारी पहचानने में क्या समस्या आती है?
- रक्त में एंटीबॉडी जांच किस तरह छिपे प्रसार का पता लगा सकती है?
- ऐसे शोध से सार्वजनिक स्वास्थ्य को क्या फायदा हो सकता है?
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