एक नए अध्ययन में देखा गया कि उभरते हुए वयस्कों की यादों में स्थिरता के साथ‑साथ गतिशीलता भी होती है, और ये उतार‑चढ़ाव खासकर माता‑पिता के साथ वर्तमान संबंधों से जुड़े होते हैं। अध्ययन में लगभग 1,000 प्रतिभागियों को दो‑माह की अवधि में तीन बार पूछा गया था कि 18 साल से कम आयु में उन्होंने क्या प्रतिकूल अनुभव देखे और अब उनके माता‑पिता, दोस्त व रोमांटिक साथी के साथ उनके संबंध कैसे हैं।
निष्कर्षों के अनुसार अधिकांश रिपोर्टें स्थिर रहीं लेकिन आठ सप्ताह के भीतर उत्तरों में अर्थपूर्ण परिवर्तन भी देखे गए। टीम ने पाया कि संबंधों की गुणवत्ता सबसे सुसंगत पूर्वानुमानकर्ता थी। जब किसी ने असामान्य रूप से अधिक समर्थन और कम तनाव अपने माता‑पिता से बताया, तो उसने सामान्यतः कम प्रतिकूल अनुभव रिपोर्ट किए, विशेषकर:
- भावनात्मक उत्पीड़न
- यौन उत्पीड़न
- उपेक्षा
लेखकों का तर्क है कि यादों की यह द्वैध प्रकृति — स्थिरता और संवेदनशीलता दोनों — शोध और क्लिनिकल सेटिंग्स में प्रतिकूल बचपन अनुभवों (ACEs) के उपयोग को बेहतर बना सकती है। शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि एकल स्नैपशॉट की बजाय ACEs का आकलन कई बार किया जाए। शोध Child Abuse & Neglect में प्रकाशित हुआ है; स्रोत Michigan State University और मूल प्रकाशन Futurity है।
कठिन शब्द
- स्थिरता — समय के साथ बदलने की कमी
- गतिशीलता — समय के साथ लगातार बदलना या गति
- प्रतिकूल — हानिकारक या नकारात्मक अनुभव या परिस्थिति
- सुसंगत — एक दूसरे से मेल खाने वाला
- पूर्वानुमानकर्ता — भविष्य की स्थिति या मार्ग बताने वाला संकेत
- उपेक्षा — ध्यान न देना या अनदेखा करना
- संवेदनशीलता — बाहरी प्रभाव पर आसानी से प्रतिक्रिया करना
- आकलन — जानकारी के आधार पर मूल्य या स्थिति तय करना
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- यदि यादों में स्थिरता और गतिशीलता दोनों हैं, तो आप कैसे सोचते हैं कि शोधकर्ता या चिकित्सक प्रतिकूल बचपन अनुभवों का आकलन बेहतर बना सकते हैं?
- माता‑पिता के साथ अधिक समर्थन और कम तनाव होने पर लोगों ने कम प्रतिकूल अनुभव रिपोर्ट किए। आपके विचार में यह क्यों संभव है? उदाहरण दें।
- ACEs का आकलन कई बार करने से क्लिनिकल या शोध सेटिंग्स में कौन‑सी व्यावहारिक चुनौतियाँ और फायदे हो सकते हैं?