शोध का नेतृत्व Madeline Gross और Jonathan Schooler ने किया। उन्होंने लगभग 500 प्रतिभागियों को यादृच्छिक रूप से दो समूहों में बाँटा। एक समूह को आलोचकीय रूप से प्रशंसित एक एनिमेटेड शॉर्ट दिखाया गया, जबकि नियंत्रण समूह को हास्यपूर्ण घरेलू वीडियो और पशु क्लिप का तेज़ मिश्रण दिखाया गया।
प्रतिभागियों ने दो अलग‑अलग कार्य सम्पन्न किये। पहला श्रेणीकरण कार्य था जिसमें लोगों को निर्णय देना था कि किन वस्तुओं को किसी श्रेणी में कितना अच्छी तरह फिट किया जा सकता है; असामान्य उदाहरण जैसे ऊँट या पाँव स्वीकार करने के लिए व्यापक दृष्टिकोण चाहिए। ऐसे व्यवहार को शोध में “आवधिक विस्तार” कहा गया है और यह श्रेणियों के बीच सीमाएँ ढीली होने का संकेत देता है।
दूसरा कार्य रचनात्मक उत्पादन का था: प्रतिभागियों ने छोटी कहानी लिखी जिसमें शब्द "डाक टिकट", "पत्र" और "भेजना" होने चाहिए थे, और स्वतंत्र न्यायाधीशों ने कहानियों को मौलिकता के आधार पर अंक दिए। परिणामों ने दिखाया कि कला‑शॉर्ट देखने वालों ने रचनात्मक सोच के उपायों पर बेहतर प्रदर्शन किया, बावजूद इसके कि वे बाद में अधिक नकारात्मक महसूस कर रहे थे और फिल्मों को कम रेट कर रहे थे।
लेखकों का तर्क है कि कला एक अस्थायी मानसिक परिवर्तन, जिसे वे "स्थितिगत खुलापन (state openness)" कहते हैं, पैदा करती है और यही कला देखने तथा व्यापक अवधारणात्मक सोच के बीच के संबंध को समझाती है।
कठिन शब्द
- शोध — नया ज्ञान खोजने की वैज्ञानिक प्रक्रिया
- यादृच्छिक — जिसमें कोई निश्चित क्रम या योजना न हो
- नियंत्रण — तुलना के लिए अलग रखा गया समूह
- श्रेणीकरण — वस्तुओं को समूहों में बाँटने की क्रिया
- आवधिक विस्तार — श्रेणियों के बीच सीमाएँ ढीली होना
- रचनात्मक — नए और अलग विचार उत्पन्न करने वाला
- मौलिकता — नए या अलग विचार होने की गुणवत्ता
- स्थितिगत खुलापन — अस्थायी मानसिक स्थिति जहाँ विचार अधिक खुले हों
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि किसी कला‑फिल्म को देखने से आपका सोचने का तरीका बदल सकता है? क्यों?
- आप किन प्रकार की क्लिप या फिल्में देखते समय अधिक रचनात्मक महसूस करते हैं — गंभीर कला‑फिल्म्स या हल्की मनोरंजक क्लिप? कारण लिखिए।
- लेख में कहा गया कि लोग कला देखने के बाद अधिक नकारात्मक महसूस कर रहे थे पर रचनात्मकता बढ़ी — आप इसे कैसे समझाएंगे?
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