UC Santa Barbara के शोधकर्ताओं ने लगभग 500 प्रतिभागियों को दो समूहों में बाँटा। एक समूह को आलोचकीय रूप से प्रशंसित एक एनिमेटेड शॉर्ट दिखाई गई और नियंत्रण समूह को हास्यपूर्ण घरेलू और पशु क्लिप का मिश्रण दिखाया गया।
देखने के बाद प्रतिभागियों ने दो कार्य किये। पहला कार्य श्रेणीकरण से जुड़ा था और दूसरा कार्य एक छोटी कहानी लिखना था जिसमें शब्द "डाक टिकट", "पत्र" और "भेजना" शामिल होने चाहिए थे। स्वतंत्र न्यायाधीशों ने कहानियों की मौलिकता पर अंक दिए।
कला‑फिल्म देखने वालों ने दोनों उपायों पर बेहतर प्रदर्शन किया। हालांकि उन्होंने फिल्मों को कम अच्छा बताया और बाद में अधिक नकारात्मक महसूस किया। शोधकारों ने कहा कि कला एक अस्थायी मनोदशा बदल सकती है।
कठिन शब्द
- प्रतिभागी — किसी अध्ययन या परीक्षण में शामिल व्यक्तिप्रतिभागियों
- नियंत्रण — तुलना के लिए अलग रखा गया समूह
- श्रेणीकरण — वस्तुओं को अलग-अलग समूह में रखना
- मौलिकता — नई और अनूठी विचारों की गुणवत्ता
- अस्थायी — कुछ समय के लिए रहने वाला या बदलने योग्य
- मनोदशा — एक व्यक्ति के भाव और भावनात्मक स्थिति
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि कला फिल्म देखने से मनोदशा बदल सकती है? क्यों?
- अगर आपको कहानी लिखने के लिए तीन शब्द दिए जाएँ, तो क्या आप लिखना पसंद करेंगे? क्यों या क्यों नहीं?
- आप व्यक्तिगत रूप से किस तरह की फिल्में देखना पसंद करते हैं — कला‑फिल्म या हास्य क्लिप? कारण बताइए।