नई शोध रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रारंभिक किशोरावस्था में नियमित सोशल मीडिया उपयोग को पढ़ने और शब्दावली विकास में धीमी प्रगति से जोड़ा गया है। अध्ययन ने दीर्घकालिक डेटा का उपयोग किया और हजारों किशोरों का कई वर्षों तक अनुसरण किया।
विशेषकर जिन किशोरों ने हर दिन अधिक बार सोशल मीडिया इस्तेमाल किया, उन्हें शब्दों को पहचानने और उच्चारण करने में कठिनाई और पढ़ने की क्षमता में धीमी सुधार की प्रवृत्ति पायी गई। उन बच्चों ने उसी अवधि में ध्यान नियंत्रण में समस्याएँ भी दिखाईं।
अनुक्रम में शोधकर्ताओं ने दो संभावित कारण बताए: लगातार नोटिफिकेशन व एकाधिक कार्य एक साथ करने से ध्यान बंट सकता है, या पहले से ध्यान केन्द्रित करने में संघर्ष करने वाले युवा अधिक सोशल मीडिया का उपयोग कर सकते हैं। फिर भी कुछ प्रतिभागियों ने परीक्षणों पर तेज़ सूचना प्रसंस्करण और छोटे प्रतिक्रिया समय दिखाए, पर शोधकर्ता कहते हैं कि यह लाभ सीमित हो सकते हैं।
शोधकर्ता किशोरों के स्क्रीन समय को सीमित करने और स्मार्टफोन खरीदने में देरी करने की सलाह देते हैं, तथा सोने से पहले स्क्रीन उपयोग घटाने का सुझाव देते हैं।
कठिन शब्द
- किशोरावस्था — बचपन और वयस्कता के बीच की उम्र
- दीर्घकालिक — लंबे समय तक चलने वाली स्थिति
- अनुसरण करना — किसी व्यक्ति या घटना को समय के साथ देखनाअनुसरण किया
- शब्दावली — किसी भाषा के शब्दों का समूह
- ध्यान नियंत्रण — ध्यान बनाए रखने या बदलने की क्षमता
- नोटिफिकेशन — फोन या ऐप की छोटी जानकारी सूचनाएँ
- सूचना प्रसंस्करण — मिली जानकारी को समझने और उपयोग करने की प्रक्रिया
- स्क्रीन समय — डिवाइस स्क्रीन पर बिताया गया कुल समय
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- किशोरों के लिए स्क्रीन समय सीमित करने के आपके विचार में क्या फायदे हो सकते हैं?
- क्या आप सोचते हैं कि नोटिफिकेशन कम करने से पढ़ने की क्षमता पर असर आएगा? क्यों या क्यों नहीं?
- अगर आपका परिवार स्मार्टफोन खरीदने में देरी करने पर विचार कर रहा हो, आप क्या सलाह देंगे और क्यों?