समुद्री शैवाल के पोषण संबंधी फायदे व्यापक रूप से माने जाते हैं, पर इसकी गंध और स्वाद अक्सर उपभोक्ताओं के लिए एक बाधा होते हैं। एक नई स्टडी, जो जर्नल Future Foods में प्रकाशित हुई, ने यह निर्धारित करने की कोशिश की कि क्या लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया से किण्वन समुद्री शैवाल को रोज़मर्रा के खाद्य पदार्थों में अधिक स्वीकार्य बना सकता है।
शोध टीम ने भूरी समुद्री शैवाल Alaria esculenta पर काम किया और दो स्प्रेड‑शैली उत्पाद बनाए: एक क्रीम चीज़ और एक बाओबाब स्प्रेड। उन्होंने शैवाल के तीन रूपों की तुलना की — बिना किसी उपचार के, किण्वित (फेरमेंट किया हुआ) और अम्लीकृत (एसिड मिलाकर)। दोनों उत्पादों में शैवाल की सांद्रता 10% और 15% रखी गयी।
सेंसरी और बनावट के परीक्षणों में स्पष्ट अंतर पाए गए। परीक्षणों के अनुसार किण्वित शैवाल वाले उत्पादों का स्वाद हल्का था।
- जर्नल: Future Foods
- शैवाल प्रकार: Alaria esculenta
- उत्पाद: क्रीम चीज़ और बाओबाब स्प्रेड
कठिन शब्द
- किण्वित — जीवाणु क्रिया से बदला हुआ खाद्य पदार्थ
- लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया — ऐसे सूक्ष्मजीव जो एसिड बनाते हैं
- अम्लीकृत — एसिड मिलाकर किया गया उपचार
- सेंसरी — इंद्रियों से स्वाद और गंध का परीक्षण
- सांद्रता — किसी घटक की मापी हुई मात्रा
- स्प्रेड — रोटी पर लगा सकने वाला नरम मिश्रणस्प्रेड‑शैली
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चर्चा के प्रश्न
- किण्वन से स्वाद में परिवर्तन के आधार पर आप कैसे सोचते हैं कि समुद्री शैवाल वाले उत्पाद बाजार में स्वीकार्यता बदल सकते हैं? कारण बताइए।
- किस तरह के रोज़मर्रा के खाद्य पदार्थों में आप समुद्री शैवाल के स्प्रेड शामिल होते देखना चाहेंगे? एक या दो उदाहरण दीजिए।
- उत्पाद बनाने वाले निर्माता किण्वित और अम्लीकृत विकल्पों में से चुनते समय किन बातों पर ध्यान रखें, विशेषकर स्वाद और उपभोक्ता रुचि के संदर्भ में?