ईरान में बढ़ता जल संकटCEFR B2
10 अग॰ 2025
आधारित: Reza Talebi, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Matin Hosseini, Unsplash
ईरान में गर्मियों की लहर और व्यापक विद्युत कटौतियों ने जल आपातस्थिति को और संजीदा बना दिया है। Iran Open Data के अनुसार सरकार ने कम से कम 12 प्रांतों में सरकारी कार्यालय बंद कर दिए हैं और ऊर्जा बचाने के लिए देशव्यापी एक सप्ताह के बंद होने की चेतावनी दी है। लम्बे समय से सूखे के केंद्रों में Lake Urmia, Hur-Al-Azim Marshes, Hamun, Anzali Lagoon, Quru Gol, Bakhtegan और Zarivar शामिल हैं।
आधिकारिक आंकड़े (July 11, 2025) बताते हैं कि कुछ प्रमुख बाँधों के भण्डार तेजी से घटे हैं: Karaj Dam में 58 प्रतिशत कमी, Lar में 34 प्रतिशत, Taleghan में 32 प्रतिशत और Latyan व Mamloo मिलकर 47 प्रतिशत कम हैं। जल वर्ष की शुरुआत से इन बाँधों में आने वाला जल 22.4 billion घन मीटर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 43 प्रतिशत कम है। वर्तमान में देश की बाँध क्षमता का केवल 46 प्रतिशत भरा हुआ है, जो एक साल पहले से 26 प्रतिशत कम है।
औसत वर्षा इस हाइड्रोलॉजिकल वर्ष में 101 mm रही, दीर्घकालिक औसत से 37 प्रतिशत कम; Tehran में यह गिरावट 46 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय जलाशयों में आवक 9.5 billion घन मीटर तक गिर गई है, जो पिछले साल से 3.5 billion घन मीटर कम है। Karaj Dam, जिसकी क्षमता 179 million घन मीटर है, अब केवल 11 million घन मीटर जल रखता है यानी क्षमता का 7 प्रतिशत, जबकि पिछले साल यह 29 million था।
भूजल क्षरण का असर भी गंभीर है: कुछ शहरी क्षेत्रों में जमीन का धंसाव 30 cm प्रति वर्ष तक पहुँच गया है और यह पिछले साल से 1.5 गुना तेज़ है। लगभग 300,000 गैरकानूनी और 500,000 कानूनी कुएँ हैं। ऊर्जा मंत्रालय का कहना है कि भूजल निकासी 48 billion घन मीटर प्रति वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि वर्तमान दरें 54 billion से ऊपर हैं।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि Tehran, Alborz और Qazvin के कुछ हिस्से सबसे अधिक जल तनाव झेल रहे हैं और Tehran की खपत को 2028 तक 3.7 billion से घटाकर 2.2 billion घन मीटर करना आवश्यक कहा गया है। गर्मियों 2025 में पानी की कटौती अनिवार्य हो सकती है, जिससे तलछट का प्रवेश और निवासियों पर तनाव जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि कृषि में 95 प्रतिशत से अधिक पानी जाता है, इसलिए कृषि और उद्योग के संरचनात्मक सुधार, खपत में सुधार और जल पुनर्चक्रण पर जोर देना आवश्यक है। आर्थिक और राजनीतिक बाधाओं के कारण तत्काल बड़े पैमाने के समाधान नहीं दिखते और कड़ी कटौती या अन्य कठोर उपाय लागू हो सकते हैं।
कठिन शब्द
- आपातस्थिति — तुरंत ध्यान और उपाय की ज़रूरत वाली स्थितिजल आपातस्थिति
- बाँध — नदी या नाले का पानी रोकने का निर्माणबाँधों
- आवक — किसी स्थान में पानी का प्रवेश या आती मात्रा
- भूजल — भूमि के नीचे जमा होकर रहने वाला पानी
- धंसाव — जमीन का धीरे-धीरे नीचे गिरना या दबना
- पुनर्चक्रण — उपयोग के बाद पानी को फिर से उपयोग करना
- कटौती — किसी चीज़ की मात्रा या उपयोग घटाना
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- लेख कहता है कि कृषि में 95% से अधिक पानी जाता है; आप किन संरचनात्मक सुधारों को प्राथमिकता देंगे और क्यों?
- यदि सरकार तुरंत बड़े पैमाने के समाधान लागू नहीं कर सकती, तो लेख में बताए गए संभावित कठोर उपाय कौन से हैं और उनके शहरों व किसानों पर क्या असर हो सकते हैं?
- स्थानीय स्तर पर लोग पानी की कमी से निपटने के लिए क्या व्यवहारिक कदम उठा सकते हैं? अपने उत्तर में खपत में सुधार या जल पुनर्चक्रण के उदाहरण दें।