LingVo.club
📖+30 XP
🎧+20 XP
+35 XP
हर आकाशगंगा के केंद्र में विशाल कृष्ण विवर नहीं होते — स्तर B1 — an artist's impression of a black hole in the sky

हर आकाशगंगा के केंद्र में विशाल कृष्ण विवर नहीं होतेCEFR B1

15 दिस॰ 2025

स्तर B1 – मध्य स्तर
4 मिनट
214 शब्द

मिशिगन विश्वविद्यालय के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने NASA के Chandra X-ray Observatory के बीस साल से अधिक के डेटा और दर्जनों संस्थानों के योगदान से 1,600 से अधिक आकाशगंगाओं का विश्लेषण किया। नमूना आकार में बहुत भिन्न था — मिल्की वे के द्रव्यमान के लगभग 10 गुना तक से लेकर कितनी छोटी बौनी आकाशगंगाएँ तक। यह काम The Astrophysical Journal में प्रकाशित हुआ।

अध्ययन में पाया गया कि बौनी आकाशगंगाओं में केवल लगभग 30% में संभावित अल्ट्रा-द्रव्यमान कृष्ण विवर हैं, जबकि मिल्की वे जैसे बड़े आकाशगंगाओं में 90% से अधिक में वे मौजूद दिखे। कई बड़ी आकाशगंगाओं के केंद्रों में चमकीले X-रे स्रोत मिले, जो उस पदार्थ का संकेत हैं जो कृष्ण विवर की ओर गिरते समय गर्म होता है।

टीम ने दो स्पष्टीकरण परखा: छोटे आकाशगंगाओं के कृष्ण विवर बहुत मंद हो सकते हैं या कुछ आकाशगंगाओं में मूलतः केंद्रीय कृष्ण विवर नहीं हैं। डेटा से पता चला कि दोनों प्रभाव महत्वपूर्ण हैं: छोटे विवर कम गैस खींचते हैं और इसलिए X-रे में मंद रहते हैं, पर मंदता पूरी कमी को नहीं समझाती। यह खोज कृष्ण विवर के बनने के दो विचारों में से पहले वाले की तुलना में दूसरे विचार को अधिक संकेत देती है, और आगे की जाँच Laser Interferometer Space Antenna जैसी मिशनों से हो सकती है।

कठिन शब्द

  • विश्लेषणडेटा या जानकारी को जांचकर समझना
  • नमूनाकिसी बड़े समूह का चुना हुआ हिस्सा
  • द्रव्यमानकिसी पिंड में मौजूद पदार्थ की मात्रा
  • आकाशगंगाबड़े पैमाने पर तारों और गैस का समूह
    आकाशगंगाओं
  • कृष्ण विवरअत्यधिक घना पिंड, जिससे प्रकाश भी नहीं निकलता
  • X-रे स्रोतऊर्जा वाली X-रे किरणें निकलने वाली वस्तु
  • मंदकम उज्जवल या कम सक्रिय, धीमा
  • खींचनाकिसी चीज़ को अपनी ओर खींचने की क्रिया
    खींचते हैं
  • प्रकाशितकिसी लेख या जानकारी का सार्वजनिक रूप से छपना

युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।

चर्चा के प्रश्न

  • यदि किसी छोटी आकाशगंगा में केंद्रीय कृष्ण विवर नहीं हैं, तो आप सोचते हैं कि उस आकाशगंगा का विकास कैसे प्रभावित हो सकता है? संक्षेप में बताइए।
  • Laser Interferometer Space Antenna जैसे मिशन आगे की जाँच में किस तरह मदद कर सकते हैं? अपने विचार लिखिए।
  • इस अध्ययन में 1,600 से अधिक आकाशगंगाएँ शामिल थीं। बड़ा नमूना आंकड़ों की किस तरह मदद कर सकता है? एक उदाहरण दीजिए।

संबंधित लेख

भारत ने सूर्य का नया जांच यान भेजा — स्तर B1
5 सित॰ 2023

भारत ने सूर्य का नया जांच यान भेजा

चंद्र मिशन के कुछ दिन बाद भारत ने Aditya-L1 नाम का सौर जांच यान 2 सितंबर को भेजा। वैज्ञानिकों ने तकनीकी सफलता की प्रशंसा की, पर कुछ ने सार्वजनिक विज्ञान वित्तपोषण पर सवाल उठाए।

नया अध्ययन: 'मिनी नेप्च्यून' ग्रहों पर ठोस सतह संभव — स्तर B1
2 दिस॰ 2025

नया अध्ययन: 'मिनी नेप्च्यून' ग्रहों पर ठोस सतह संभव

यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो की टीम ने मिनी नेप्च्यून ग्रहों की सतहों का पुन: परीक्षण किया। James Webb के डेटा से पता चला कि भारी वायुमंडल सतह पर दबाव बढ़ाकर पिघला चट्टान ठोस कर सकता है।

क्षुद्रग्रह टुकड़ों में सूक्ष्मजीव जीवित रह सकते हैं — स्तर B1
5 मार्च 2026

क्षुद्रग्रह टुकड़ों में सूक्ष्मजीव जीवित रह सकते हैं

नए प्रयोग दिखाते हैं कि कुछ सूक्ष्मजीव क्षुद्रग्रह के टुकड़ों में दबाव और कठोर हालात सहकर दूसरे ग्रहों तक पहुँच सकते हैं। यह खोज ग्रहीय सुरक्षा और मिशन नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है।

मील्की वे के किनारे सबसे कम-धातुयुक्त तारा मिला — स्तर B1
21 अप्रैल 2026

मील्की वे के किनारे सबसे कम-धातुयुक्त तारा मिला

आकाशगंगा के किनारे, Large Magellanic Cloud के पास SDSS J0715-7334 नामक एक तारा मिला। यह तारा बहुत कम धातु वाला और रासायनिक रूप से प्राचीन लगता है, इसलिए शोधकर्ता इसे पहले तारों के निकटतम समकक्ष मानते हैं।

चंद्रमा की उत्पत्ति: Theia टकराव के नए सबूत — स्तर B1
8 दिस॰ 2025

चंद्रमा की उत्पत्ति: Theia टकराव के नए सबूत

एक नया अध्ययन बताता है कि चंद्रमा पृथ्वी के साथ हुए एक बड़े टकराव से बना। शोधकर्ताओं ने आइसोटोप और चट्टानी नमूनों का विश्लेषण कर दिखाया कि Theia संभवतः पृथ्वी के पास ही बना था।