Homebound: दोस्ती, जाति और उम्मीदCEFR B2
10 जन॰ 2026
आधारित: Abhimanyu Bandyopadhyay, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Indrajit Rana, Unsplash
Homebound एक सूक्ष्म और गंभीर फिल्म है जो दो दोस्तों—चंदन और सोइब—के माध्यम से भारत में रोज़मर्रा के भेदभाव और सीमाओं की पड़ताल करती है। नीरज घोषवान ने यह फिल्म New York Times की बशरत पीर की 2020 रिपोर्ट पर आधारित कर बनाई है। घोषवान की पहली निर्देशकीय फिल्म Masaan (2006) भी उल्लेखनीय रही थी।
कहानी यह दिखाती है कि कैसे चंदन और सोइब की उम्मीदें और चुनौतियाँ जाति, धर्म और वर्ग से प्रभावित होती हैं: चंदन दलित है और सोइब मुस्लिम। परिणाम के बाद चंदन पुलिस परीक्षा पास कर लेता है; सोइब असफल होकर पानी फिल्टर बेचता है और ग्राहकों व सहकर्मियों से अपमान सहता है। चंदन उस जाति आरक्षण का प्रयोग न कर सामान्य श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करता है, और फिल्म इन घटनाओं को रूटीन के रूप में पेश करती है, न कि नाटकीय अपवाद के रूप में।
दृश्यों में लोकल ट्रेनें, तंग फैक्टरी के कमरे और महामारी की पृष्ठभूमि शामिल हैं, जो कहानी को एक गंभीर टोन देते हैं। प्रतीकात्मक छोटे-छोटे विवरण—चंदन की माँ की फटी एड़ियाँ और सोइब के पिता की लकवाग्रस्त टांग—पीढ़ियों से जुड़ी कठिनाइयों का अहसास कराते हैं। अभिनय लाभ देता है; विषाल जठवा और इशान खट्टर मुख्य हैं, जबकि जाह्नवी कपूर का किरदार फिल्म की प्राकृतिक टोन से थोड़ा अलग लगता है। फिल्म अंतिम मिनट में फिर सोइब पर लौटती है, और वही सपना थामे रहता है जिसे चंदन पूरा नहीं कर पाया।
Homebound आसान सान्त्वना नहीं देता; यह मौन, निजी समझौतों और आशा को बिना दबाव के प्रस्तुत करता है।
कठिन शब्द
- सूक्ष्म — बारीक और नाजुक तरीके से दिखाया हुआ
- गंभीर — हल्का नहीं; महत्वपूर्ण या गंभीर स्वभाव
- भेदभाव — किसी के साथ अन्यायपूर्ण अलग व्यवहार
- जाति आरक्षण — कुछ जातियों को नौकरी या सीट देने की व्यवस्था
- प्रतीकात्मक — अर्थ बताने वाले छोटे चिन्ह या संकेत
- लकवाग्रस्त — लकवा के कारण कमजोर या चलने में अक्षम
- सान्त्वना — दुख या चिंता में दिल को शांति देना
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- फिल्म में चंदन का जाति आरक्षण न प्रयोग करके सामान्य श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करना आप कैसे पढ़ते हैं? अपने विचार दें।
- प्रतीकात्मक छोटे-छोटे विवरण (जैसे फटी एड़ियाँ, लकवाग्रस्त टांग) कहानी के भाव और संदेश में कैसे योगदान करते हैं?
- फिल्म का शांत और निजी टोन दर्शकों पर क्या असर डालता है और यह विषय को समझने में कैसे मदद करता है?
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