अज़रबैजान में क्वियर सिनेमा और नए फिल्म निर्माताCEFR B1
4 दिस॰ 2025
आधारित: Adila Aghayeva, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Zulfugar Karimov, Unsplash
अज़रबैजान में LGBTQI+ अधिकारों के उल्लंघन, भेदभाव और घृणा-आधारित अपराधों की रिपोर्टें लगातार आती रही हैं और देश ILGA-Europe की Rainbow Map पर कई वर्षों तक निचले दर्जों पर रहा है। सरकारी अधिकारीयों की घृणात्मक भाषा ने सार्वजनिक बहस को भी धार दी है और इसका असर कला तथा सिनेमा तक पहुंचा है।
इन हालात के बीच एक छोटा पर निर्णायक फिल्मी आंदोलन उभर रहा है। सीमित संसाधन वाले कई शॉर्ट फ़िल्म और डॉक्यूमेंटरी क्वियर जीवन को कैद कर रही हैं और स्थानीय क्वियर सिनेमा का इतिहास बनाना शुरू कर रही हैं। फिल्म निर्माता स्थानीय ट्रांस व नॉन-बाइनरी आलोचक, विश्वविद्यालय के स्नातक और कुछ विदेशी निर्देशक हैं।
कुछ उल्लेखनीय फिल्में हैं: All Monsters Are Human जो तीन क्वियर अज़रबैजानियों की ज़िंदगी दिखाती है; Sebastian (2017) एक शुरुआती एक्टिविस्ट शॉर्ट था; और वुसाला हाजीयेवा की नई फिल्में ट्रांज़िशन, अकेलापन और सुरक्षा के सवाल उठाती हैं। QueerRadar की जांच में 2013–2023 में कम से कम 15 पर हथियार से हमला और 12 मौतें दर्ज हुईं।
कठिन शब्द
- उल्लंघन — किसी नियम या अधिकार का तोड़ना
- भेदभाव — लोगों के साथ अलग व्यवहार करना
- घृणा-आधारित — घृणा के कारण किया जाने वाला अपराध
- सार्वजनिक बहस — लोगों के बीच खुली चर्चा
- संसाधन — काम के लिए ज़रूरी चीज़ें या सुविधाएँ
- निर्णायक — किसी फैसले या परिणाम पर बड़ा असर डालने वाला
- क्वियर — लैंगिक और यौन पहचान से संबंधित शब्द
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि छोटे क्वियर फिल्मी आंदोलन से सार्वजनिक बहस बदल सकती है? क्यों या क्यों नहीं?
- सीमित संसाधन होने पर फिल्मकार अपने संदेश को लोगों तक कैसे पहुँचा सकते हैं? कुछ तरीके बताइए।
- आपके विचार में स्थानीय ट्रांस और नॉन‑बाइनरी फिल्म निर्माताओं की मौजूदगी क्यों महत्वपूर्ण हो सकती है?