अज़रबैजान में क्वियर सिनेमा और नए फिल्म निर्माताCEFR B2
4 दिस॰ 2025
आधारित: Adila Aghayeva, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Zulfugar Karimov, Unsplash
अज़रबैजान में LGBTQI+ समुदाय पर भेदभाव और घृणा-आधारित हमलों की रिपोर्टें कई वर्षों से मिलती रही हैं और देश ILGA-Europe की Rainbow Map पर निचले दर्जों में रहा है। सरकारी स्तर पर बढ़ती घृणास्पद भाषा का असर सार्वजनिक बहस और सांस्कृतिक क्षेत्र पर पड़ा है, जिससे मुख्यधारा की फिल्मों में क्वीर जीवन का प्रतिनिधित्व आम तौर पर नकारात्मक रहा है।
इसी माहौल में सीमित संसाधनों के बावजूद एक नया फ़िल्मी आंदोलन आकार ले रहा है। कई शॉर्ट फ़िल्म और डॉक्यूमेंटरी उन जीवनों को दर्ज करती हैं जिन्हें दशकों तक मिटा दिया गया था, और ये फिल्में हेटरोनॉर्मेटिव प्रस्तुतियों को चुनौती देती हैं। निर्माता स्थानीय ट्रांस और नॉन-बाइनरी कलाकार, Azerbaijan State University of Culture and Arts के स्नातक और कुछ विदेशी निर्देशक हैं।
कुछ फिल्में और विषय स्पष्ट हैं। Hugh Davies व Helen Spooner की All Monsters Are Human तीन क्वियर अज़रबैजानियों — रोमा, लेडी कैट और लिसा — की ज़िन्दगी को दस्तावेज करती है और आघात, पुलिस बर्बरता व सेक्स वर्क जैसी स्थितियाँ दिखाती है। मिराय डेनिज की फिल्में Avaz Hafizli की हत्या (22 फरवरी 2022) और उसके बाद की जांच को दिखाती हैं, जिसमें आरोपियों को नौ साढ़े साल की सजा मिली।
QueerRadar की जांच बताती है कि 2013 से 2023 के बीच कम से कम 15 लोगों पर हथियार से हमला हुआ और 12 लोग मारे गए; ये आंकड़े अक्सर कम बताए जाते हैं क्योंकि जाँच कमजोर है और राष्ट्रीय कानून में घृणा-आधारित अपराध का स्पष्ट वर्गीकरण नहीं है। स्वतंत्र फिल्में दशकों की चुप्पी भरने लगी हैं और घर, सम्बन्ध व जीने के सवालों पर नया नजरिया पेश कर रही हैं।
कठिन शब्द
- भेदभाव — किसी व्यक्ति या समूह के साथ अलग और अन्यायपूर्ण व्यवहार
- घृणा-आधारित — किसी समूह के प्रति नफरत पर आधारित हमला या कार्य
- हेटरोनॉर्मेटिव — ऐसी सोच जो केवल विपरीतलैंगिक रिश्तों को सामान्य मानती है
- प्रतिनिधित्व — किसी समूह को कला या मीडिया में दिखाने की क्रिया
- दर्ज करती हैं — किसी घटना या जानकारी को लिखकर रिकॉर्ड करना
- आघात — गहरी चोट या भय से हुआ मानसिक दर्द
- पुलिस बर्बरता — पुलिस द्वारा हिंसा या क्रूर व्यवहार
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- स्वतंत्र फ़िल्में 'दशकों की चुप्पी भरने' के बारे में कैसे मदद कर सकती हैं? अपने विचार और उदाहरण दें।
- घृणा-आधारित अपराधों का स्पष्ट कानूनी वर्गीकरण न होने के क्या नतीजे हो सकते हैं? कारण बताइए।
- फ़िल्मों में नकारात्मक प्रतिनिधित्व का क्वीर समुदाय और समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है? अपने तर्क लिखिए।