डबलिन में आयोजित World Conference on Tobacco Control में विशेषज्ञों ने चर्चा की कि artificial intelligence ऑनलाइन तंबाकू प्रचार की पहचान और रोकथाम में उपयोगी हो सकता है। Melina Samar Magsumbol (Vital Strategies) ने कहा कि सोशल मीडिया वह जगह है जहाँ युवा रहते हैं और तंबाकू क्षेत्र Instagram, TikTok और YouTube पर नीतिगत छिद्रों का फायदा उठाता है।
प्रतिनिधियों ने कई AI-आधारित पहलों का वर्णन किया। इंडोनेशिया में Free Net from Tobacco coalition AI से YouTube पर cigarette और tobacco प्रचार करने वाले वीडियो खोजता है और रिपोर्टिंग से कई खाते बंद कराए गए। Vital Strategies की Canary सेवा मैक्सिको, भारत और इंडोनेशिया में डिजिटल मार्केटिंग का पर्दाफाश कर नीति निर्माताओं को real-time डेटा और विश्लेषण देती है; Canary ने India में 4 million से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई है और कम्युनिटी टीमें विरोधी-तंबाकू सामग्री बनाती हैं।
अन्य उपयोगों में personalised हेल्थ इंटरवेंशन भी हैं: Fudan University के Pinpin Zheng ने AI-चालित मोबाइल इंटरवेंशन का trial बताया। Argentina के IECS ने चार नियंत्रण उपायों के पूर्ण कार्यान्वयन का मॉडल बनाया और अनुमान लगाया कि अगले दशक में अधिकतम 234,000 मौतें रोकी जा सकती हैं और US$2 billion तक की बचत संभव है। WHO के निदेशक‑जनरल ने e-cigarettes और नए निकोटीन उत्पादों के नियमन पर चेतावनी दी।
कठिन शब्द
- पहचान — किसी चीज़ या समस्या को पहचानने की क्रिया
- रोकथाम — किसी बुरी बात को शुरू होने से रोकना
- नीतिगत छिद्र — नीतियों में वह जगह जहाँ नियम कमजोर होंनीतिगत छिद्रों
- पर्दाफाश — छिपी हुई जानकारी को सार्वजनिक रूप से दिखाना
- डिजिटल मार्केटिंग — इंटरनेट पर उत्पादों या सेवाओं का प्रचार
- इंटरवेंशन — स्वास्थ्य के लिए दिए जाने वाले हस्तक्षेप या सहायता
- नियमन — किसी चीज़ पर नियम और नियंत्रण लागू करना
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि AI ऑनलाइन तंबाकू प्रचार की पहचान और रोकथाम में असरदार होगा? क्यों?
- कम्युनिटी टीमें विरोधी‑तंबाकू सामग्री बनाती हैं — आपके हिसाब से यह लोगों के व्यवहार पर कैसा असर डाल सकता है?
- यदि सरकार तंबाकू और नए निकोटीन उत्पादों का नियमन कड़ा करे तो सोशल मीडिया पर प्रचार कैसे बदलेगा?