एक हालिया शोध यह सुझाता है कि मानव ठोड़ी प्रत्यक्ष अनुकूलन नहीं, बल्कि विकासात्मक उपोत्पाद (spandrel) हो सकती है। शोध ने यह भी रेखांकित किया कि ठोड़ी केवल Homo sapiens में अनूठी है; चिंपैंजी, नियोथल (Neanderthals), डेनिसोवन्स (Denisovans) और अन्य लुप्त मानवों में ठोड़ी नहीं मिली। इसलिए यह गुण जीवाश्म अभिलेखों में हमारी प्रजाति की पहचान में मदद कर सकता है।
University at Buffalo के जैविक मानवशास्त्री Noreen von Cramon-Taubadel के नेतृत्व में टीम ने यह काम PLOS One में प्रकाशित किया। उन्होंने ठोड़ी को निचली जबड़े की एक अस्थि ऊभार के रूप में परिभाषित किया और इसे शरीर के अन्य हिस्सों के विकास के साथ जोड़ा। टीम ने spandrel शब्द उपयोग किया; यह शब्द Stephen Jay Gould ने San Marco कैथेड्रल के मेहराबों से बने त्रिकोणीय स्थानों के उदाहरण के बाद पेश किया था, जो संरचना का अनचाहा परिणाम हैं, न कि सीधा वास्तुशिल्पीय उद्देश्य।
शोधकर्ताओं ने तटस्थता (neutrality) की शून्य परिकल्पना का परीक्षण किया और वानरों तथा मनुष्यों के खोपड़ी गुणों की तुलनात्मक विश्लेषण की। परिणाम यह दिखाते हैं कि खोपड़ी के कुछ हिस्सों पर प्रत्यक्ष चयन के संकेत मिलते हैं, लेकिन ठोड़ी के लिए spandrel मॉडल बेहतर बैठता है। टीम ने निष्कर्ष निकाला कि चिंपैंजी के साथ अंतिम आम पूर्वज से हुए परिवर्तनों में जबड़े और खोपड़ी के अन्य हिस्सों पर चयन का प्रतिबिंब होने की संभावना अधिक है, न कि ठोड़ी पर सीधे चयन की।
लेखक बताते हैं कि ये परिणाम मानवशास्त्र में अनुकूलनवादी व्याख्याओं को चुनौती देते हैं और शारीरिक विकास का अध्ययन करते समय गुणों के एकीकरण का आकलन करने का महत्व उजागर करते हैं। स्रोत: University at Buffalo।
कठिन शब्द
- उपोत्पाद — विकास के दौरान अनिच्छित रूप से उभरने वाला गुण
- अनुकूलनवादी — गुणों को सीधे अनुकूलता से जोड़ने वाला दृष्टिकोण
- शून्य परिकल्पना — किसी चयन या प्रभाव की अनुपस्थिति मानने वाला अनुमान
- एकीकरण — अलग हिस्सों का साथ मिलकर काम करना या जुड़ना
- निष्कर्ष — शोध या जांच से निकला अंतिम विचार या परिणाम
- अभिलेख — पुराने घटनाओं या प्रमाणों का लिखा हुआ संग्रहअभिलेखों
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चर्चा के प्रश्न
- यदि ठोड़ी वास्तव में विकासात्मक उपोत्पाद है, तो इसका मानवशास्त्र में अनुकूलनवादी व्याख्याओं पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? संक्षेप में बताइए।
- आप किस तरह के अतिरिक्त प्रमाण देखना चाहेंगे जो ठोड़ी के उपोत्पाद होने के दावे का समर्थन करें? उदाहरण दीजिए।
- ठोड़ी जैसी विशेषताओं के अध्ययन में गुणों के एकीकरण का आकलन क्यों महत्वपूर्ण हो सकता है? अपने विचार लिखिए।