मध्य साहेल के शहरों में भिक्षावृत्ति बच्चों के लिए आम दृश्य बन गया है। कई बच्चे कटोरा लेकर सड़कों पर होते हैं और कुछ को कुरानिक अध्यापकों के पास तालिबे (Talibé) के रूप में भेजा जाता है। एक बच्चे ने लंबी पैदल यात्राएं, भूख और पैसे न लाने पर मिली धमकियाँ और मार खाने का अनुभव बताया।
आंकड़े और सर्वे इस समस्या के पैमाने को दिखाते हैं: Mali में 20,000 से अधिक बच्चे भिक्षा करने के लिए मजबूर हैं और उनमें 43 प्रतिशत लड़कियाँ हैं (COMADE)। Anti Slavery के एक सर्वे में Niger की 1,543 कुरानिक स्कूलों के 86,824 छात्रों में से 76,080 को जबरन भिक्षा का शिकार पाया गया। Human Rights Watch ने Senegal में 50,000 से अधिक Talibé बच्चों की दैनिक भिक्षा की जानकारी दी (2017)।
UNICEF की रिपोर्ट Child alert: Extreme jeopardy in the Central Sahel (2023) बताती है कि आर्थिक कठिनाई, संघर्ष और जबरन विस्थापन पारिवारिक सहारे को हटा देते हैं और बच्चों को भिक्षा के लिए प्रेरित करते हैं। स्थानीय संगठन और समाज कुछ सहज मदद और समर्थन दे रहे हैं, पर समस्याएँ अभी जारी हैं।
कठिन शब्द
- गरीबी — कम पैसे और संसाधनों की स्थिति।
- सुरक्षा — खतरे से बचने की स्थिति।
- चुनौतियाँ — कठिनाइयाँ या समस्याएँ।
- भीख — पैसे या खाने की मांग।भीख माँगने
- शारीरिक — शरीर से सम्बंधित।
- हिंसा — नकारात्मक और आक्रामक क्रिया।
- समस्या — कोई कठिनाई या चुनौती।
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- सरकारें बच्चों की मदद के लिए क्या कर सकती हैं?
- क्या आपको लगता है कि नागरिक समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है?
- कैसे हम इस समस्या का समाधान खोज सकते हैं?