शोधकर्ताओं ने रेट्रोसपाइनल कॉर्टेक्स में वे न्यूरॉन्स पाए जो जगह का ज्ञान और नेविगेशन में मदद करते हैं। इन कोशिकाओं को विकास के लाखों वर्षों में संरक्षित पाया गया। चार्ल्स डार्विन ने यह क्षमता "dead reckoning" कहा था।
ओमर अहमद और उनकी टीम ने माउस और रैट के न्यूरॉन्स के आनुवंशिक निशान AI-आधारित उपकरणों से मिलाए। उन्होंने दो विशेष प्रकार के न्यूरॉन्स खोजे। दोनों प्रकार प्रजातियों में संरक्षित रहे और एक प्रकार रैट में थोड़ी अधिक दिखा। अब टीम यह देख रही है कि क्या ऐसे न्यूरॉन्स मानव मस्तिष्क में भी हैं और अल्जाइमर में उनके साथ क्या होता है।
कठिन शब्द
- रेट्रोसपाइनल कॉर्टेक्स — मस्तिष्क का वह हिस्सा जो स्थान से जुड़ा
- न्यूरॉन — तंत्रिका कोशिका जो संदेश भेजती और लेती हैन्यूरॉन्स
- जगह का ज्ञान — किसी स्थान का पता या उसकी जानकारी
- नेविगेशन — रास्ता ढूँढने और दिशा जानने की प्रक्रिया
- संरक्षित — लंबे समय तक बना रहने या बचा हुआ
- आनुवंशिक निशान — कोशिकाओं में जीन्स से जुड़ा संकेत
- AI-आधारित उपकरण — कम्प्यूटर से चलने वाला कृत्रिम बुद्धिमत्ता साधनAI-आधारित उपकरणों
- प्रजाति — एक तरह के जीवों का समूहप्रजातियों
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चर्चा के प्रश्न
- क्या आप कभी रास्ता भूल गए हैं? आपने फिर रास्ता कैसे पाया?
- क्या आपने नेविगेशन के लिए मानचित्र या कोई उपकरण उपयोग किया है? बताइए।
- क्या आपको लगता है ये खोज अल्जाइमर के मरीजों की मदद कर सकती है? क्यों या क्यों नहीं?
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