नए अध्ययन ने दिखाया कि Lake Erie के हानिकारक शैवाल फैलाव केवल माइक्रोसिस्टिन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई प्रकार के जीवक्रियाशील सायनोपेप्टाइड्स बनाते हैं जिनको पारंपरिक निगरानी अक्सर नहीं पकड़ती। शोध का मुख्य डेटा पश्चिमी Lake Erie के चार NOAA Great Lakes Environmental Research Laboratory स्टेशनों से लिए गए मासिक पानी के नमूनों पर है; यह संग्रह मई से अक्टूबर हर साल 2016–2022 तक किया गया था। शोधकर्ताओं ने माइक्रोबियल डीएनए अनुक्रमण का उपयोग कर यह जोड़ा कि कौन से बैक्टीरिया किन यौगिकों के स्रोत हैं।
लीड लेखक Lauren Hart ने फैलाव का एक तीन-चरण क्रम बताया, जो वसंत में प्रवाह और बारिश द्वारा झील में नाइट्रोजन के आने से शुरू होता है। उनका वर्णित क्रम इस प्रकार है:
- Phase 1: microcystin प्रमुख होता है।
- Phase 2: नाइट्रोजन कम होने पर anabaenopeptins और aeruginosins बनते हैं।
- Phase 3: बाद के मौसम में aerucyclamides बनते हैं।
Hart ने Environmental Toxicology में प्रकाशित प्रयोगों में तीन मानव कोशिका रेखाओं (फेफड़ा, यकृत और गुर्दा) को microcystins और anabaenopeptins के विभिन्न संयोजनों में रखा। उन्होंने पाया कि कुछ anabaenopeptins कुछ microcystin congeners जितने विषैले हो सकते हैं और दोनों के मिश्रण प्रभावों को मज़बूत कर देते हैं। हालांकि कोशिका-रेखा के परिणाम सीधे मनुष्यों या जानवरों के जोखिम की भविष्यवाणी नहीं करते, इसलिए स्वास्थ्य संबंधी निहितार्थ फिलहाल अस्पष्ट बने रहते हैं।
शोधकर्ता बताते हैं कि इन यौगिकों का वर्णन, उनकी विषाक्तता निर्धारित करना और परस्पर क्रियाओं का अध्ययन करना जरूरी है। यह काम University of Michigan के Cooperative Institute for Great Lakes Research और Great Lakes Center for Freshwaters and Human Health, NOAA और USGS के वैज्ञानिकों ने मिलकर किया और समर्थन NIH (National Institute of Environmental Health Sciences), NSF, Great Lakes Restoration Initiative, USGS और NOAA से मिला।
कठिन शब्द
- माइक्रोसिस्टिन — पानी में बनने वाला एक जहरीला यौगिक
- सायनोपेप्टाइड — नीलहरित शैवाल द्वारा बने जैव सक्रिय पेप्टाइडसायनोपेप्टाइड्स
- जीवक्रियाशील — जिससे जीवों पर रासायनिक प्रभाव होता है
- अनुक्रमण — डीएनए का क्रम पढ़ने की प्रक्रिया
- निगरानी — पर्यावरण या प्रक्रियाओं पर देखरेख करना
- विषाक्तता — किसी पदार्थ का जीवों के लिए हानिकारक होना
- परस्पर क्रिया — दो या अधिक यौगिकों के बीच प्रभावपरस्पर क्रियाओं
- फैलाव — किसी चीज का इलाके में विस्तार होना
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चर्चा के प्रश्न
- यदि परंपरागत निगरानी कई यौगिक नहीं पकड़ती, तो पानी की सुरक्षा के लिए किन नए कदमों पर विचार किया जाना चाहिए?
- इन निष्कर्षों के आधार पर स्थानीय पानी प्रबंधन और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों में क्या बदलाव हो सकते हैं?
- परस्पर क्रिया और विषाक्तता को बेहतर समझने के लिए शोधकर्ताओं को किन अतिरिक्त प्रयोगों या निगरानी को बढ़ाना चाहिए?