अनुबंध, पौधे और एक प्रदर्शनीCEFR B2
27 जुल॰ 2025
आधारित: Janine Mendes-Franco, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Joao Vitor Marcilio, Unsplash
1834 और 1920 के बीच कई लोग कैरिबियन आ गए थे; इनमें अधिकतर भारतीय मूल के अनुबंधित मजदूर थे और कुछ लोग चीन, यूरोप और अफ्रीका से भी आए। इन आगमनियों के इतिहास ने क्षेत्र की पहचान और संस्कृति पर स्थायी प्रभाव छोड़ा है।
गैब्रिएल होसेन और फोटोग्राफर एबिगेल हदीद ने "The Botanical Afterlife of Indenture: Imaginative Archives" नामक प्रदर्शनी तैयार की। यह प्रदर्शनी Art Society of Trinidad and Tobago, पोर्ट ऑफ स्पेन में 10 से 21 जून तक लगी और यह 30 मई को भारतीय आगमन की 180वीं वर्षगांठ के ठीक बाद हुई। परियोजना बनाने में दो साल लगे।
आरम्भ एक अभिलेखीय फोटो से हुआ जो Michael Goldberg West Indiana collection में है; उस तस्वीर में एक भारतीय महिला जमैका के नारियल के बागान में काम कर रही है और उस पर धोती पहनी है। हदीद ने जहाज़ीन बंडलों में लाये जाने वाले पौधों पर ध्यान दिया और प्रोफेसर एमेरेटस ब्रिन्सले समारू के शोध ने उन बंडलों में ले जाए गए पौधों की सूची दी। प्रदर्शनी इन पौधों को रूपक के रूप में उपयोग करती है ताकि अतीत और वर्तमान के बीच निरंतरता दिखाई दे।
हदीद ने स्मृति और समय के प्रवाह का संकेत देने के लिए गति, धुंधली तस्वीरें और स्थिर वस्तुओं का मिश्रण किया। काम इंडो-कैरिबियाई महिलाओं के बारे में रूढ़ियों पर सवाल उठाता है और सुंदरता की प्रथाओं तथा श्रम विरोध की पुनर्कल्पना करता है। सहयोगियों में मेहँदी कलाकार रिसा रघुननन-मोहम्मद, टैटू डिज़ाइनर पोर्शिया सुब्रान, आभूषणकार फ्रैंक मिचम वीवर और क्यूरेटर तथा ग्राफिक डिजाइनर मेलनी आर्चर शामिल थे। प्रदर्शनी में फिल्म और मिश्रित मीडिया भी दिखाया गया और कुछ कृतियाँ दीवारों से बाहर जाकर धारण की जाने और शरीर में समाई जा सकें, इसके लिए बनाई गई थीं। अंतिम तत्व दर्शकों से जमीन की ओर देखने का आमंत्रण देता है ताकि इन विरासतों से मिलने का एक अलग तरीक़ा पेश किया जा सके।
- आम
- अमरूद
- अनार
- चीकू
- चावल
- फलियाँ
- हल्दी
- अदरक
- जीरा
- करेला
- दालचीनी
- सरसों
- काली मिर्च
- प्याज
- अशोक
- नीम
- खीरा
- कमल
कठिन शब्द
- अनुबंधित — एक तय अवधि के लिए काम पर लिया गया व्यक्ति
- अभिलेखीय — दस्तावेज़ों और रिकॉर्ड से संबंधित सामग्री
- रूपक — किसी चीज़ को प्रतीकात्मक तरीके से दिखाने का तरीका
- रूढ़ि — कठोर और पुरानी सोच या मान्यतारूढ़ियों
- क्यूरेटर — प्रदर्शनी के लिए कलाकृतियाँ चुनने वाला व्यक्ति
- मिश्रित मीडिया — विभिन्न कला सामग्री और तकनीक का साथ प्रयोग
- विरासत — पीढ़ियों से मिली सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चीज़ेंविरासतों
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- पौधों को रूपक के रूप में दिखाने से अतीत और वर्तमान की निरंतरता कैसे स्पष्ट होती है? अपने शब्दों में बताइए।
- इस प्रदर्शनी में जिन कृतियों को शरीर पर पहना जा सकता था, उनका दर्शकों के अनुभव पर क्या प्रभाव हो सकता है?
- ऐसी कला परियोजनाएँ स्थानीय पहचान और इतिहास को कैसे प्रभावित कर सकती हैं? उदाहरण दें।