शोध में त्वरित जैविक वृद्धिकरण के दो उपायों की जांच की गई। एक उपाय कई कोशिकाओं और ऊतकों पर केंद्रित था और दूसरी मोनोसाइट्स नामक श्वेत रक्त कोशिकाओं पर केंद्रित थी।
डाटा Women’s Interagency HIV Study के 440 महिलाओं से लिया गया (261 में HIV था, 179 में नहीं)। अवसाद का आकलन CES-D नामक 20‑item प्रश्नावली से किया गया, जो समाटिक और गैर‑समाटिक लक्षण दोनों को कवर करती है। विश्लेषण से पता चला कि मोनोसाइट वृद्धिकरण विशेषकर आनंदहीनता, निराशा और असफलता की भावना जैसे गैर‑समाटिक लक्षणों के लिए संवेदनशील था। यह प्रभाव HIV वाली और बिना HIV वाली महिलाओं दोनों में देखा गया।
दूसरी व्यापक उपजैविक घड़ी से अवसाद माप जुड़े नहीं पाए। शोधकर्ता कहते हैं कि उपजैविक वृद्धिकरण को मापने और उपचार मार्गदर्शन के लिए और काम करना होगा।
कठिन शब्द
- अवसाद — लंबे समय तक चलने वाली नकारात्मक मनोदशाअवसाद माप
- मोनोसाइट्स — एक प्रकार की श्वेत रक्त कोशिका
- समाटिक — शारीरिक लक्षणों से जुड़ा हुआ शब्द
- गैर‑समाटिक — मानसिक या भावनात्मक लक्षणों से संबंधित
- उपजैविक घड़ी — शरीर की आंतरिक उम्र मापने का तरीका
- संवेदनशील — किसी प्रभाव के लिए जल्दी प्रतिक्रिया दिखाने वाला
- वृद्धिकरण — धीरे‑धीरे उम्र बढ़ने या वृद्धि की प्रक्रियातेज़ जैविक वृद्धिकरण, उपजैविक वृद्धिकरण
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- मोनोसाइट वृद्धिकरण और अवसाद के गैर‑समाटिक लक्षणों के बीच संबंध के बारे में आप क्या सोचते हैं?
- यदि उपजैविक घड़ी अवसाद से जुड़ी नहीं पाई, तो यह शोध परिणाम किस प्रकार उपयोगी या सीमित हो सकता है?
- क्या आपको लगता है कि शरीर की आंतरिक उम्र मापना अवसाद के इलाज में मदद कर सकता है? अपने विचार छोटे वाक्यों में बताइए।