छुट्टियों में दिनचर्या और समय उपयोग बदल जाते हैं, जिससे स्वस्थ आदतें प्रभावित होती हैं। वर्जीनिया टेक की एसोसिएट प्रोफेसर सामन्था हार्डन यह अध्ययन करती हैं कि लोग वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में कल्याण कैसे बनाए रखते हैं। वह बताती हैं कि छुट्टियों की 'सर्वश्रेष्ठ स्वयं' की अपेक्षा असफलता पैदा कर सकती है, क्योंकि छुट्टियाँ आनंददायक और तनावपूर्ण दोनों गतिविधियों से भरी होती हैं।
हार्डन कुछ आसान व्यवहारिक सुझाव देती हैं। पहला, आदत जोड़ना — जैसे रात के खाने के बाद छोटी पारिवारिक सैर। दूसरा, खेल जैसा बनाना — बर्तन जुड़ने पर प्लैंक चुनौती या मूवमेंट-ब्रेक के लिए बिंगो कार्ड। तीसरा, दूसरों को शामिल करना — दूर रहने वाले प्रियजन को चलते हुए कॉल करना या समूह क्लास में शामिल होना। चौथा, यात्रा के समय हिलना‑डुलना, हाइड्रेटेड रहना और अतिरिक्त समय रखना।
वह कल्याण को केवल पोषण और व्यायाम तक सीमित नहीं मानतीं और कहती हैं कि कुछ दिनचर्याओं से विराम लेना विफलता नहीं है।
कठिन शब्द
- दिनचर्या — रोजाना करने वाले कामों का क्रमदिनचर्याओं
- कल्याण — सामान्य शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य
- अपेक्षा — किसी बात की उम्मीद या मांग
- असफलता — कोई काम पूरा न होने की स्थिति
- व्यवहारिक — जिसका उपयोग रोज़मर्रा में हो
- शामिल करना — किसी समूह या काम में जोड़ना
- विराम लेना — काम या दिनचर्या से छोटा आराम करना
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चर्चा के प्रश्न
- छुट्टियों में आप अपनी दिनचर्या बनाए रखने के लिए कौन‑सी छोटी आदत जोड़ेंगे? क्यों?
- क्या आप सहमत हैं कि छुट्टियों में दिनचर्या से विराम लेना विफलता नहीं है? अपने कारण बताइए।
- दूसरों को शामिल करने से आपकी छुट्टियों की गतिविधियाँ कैसे बदल सकती हैं?