यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिख के शोध में 1,442 प्रतिभागियों द्वारा दिए गए खुले‑प्रश्नात्मक लिखित उत्तरों का व्यवस्थित विश्लेषण किया गया। प्रतिभागियों से उम्र 15, 17, 20 और 24 पर जानकारी ली गई और टीम ने हजारों फ्री‑टेक्स्ट प्रतिक्रियाओं को स्वचालित भाषा प्रसंस्करण विधियों से विषयों में विभाजित किया।
अधिकांश उल्लिखित घटनाएँ सकारात्मक थीं; कुल मिलाकर 83% घटनाओं को सकारात्मक शब्दों में दर्शाया गया। शोध ने प्रमुख विषयों के रूप में स्कूल/प्रशिक्षण और अपरेन्टिसशिप, मित्रता और रोमांटिक रिश्ते, व्यक्तिगत विकास व मानसिक कल्याण, तथा यात्रा और विदेश में ठहराव पहचाने। विशिष्ट रूप से रिपोर्ट की गई हिस्सेदारी कुछ इस प्रकार थी:
- स्कूल, प्रशिक्षण और अपरेन्टिसशिप: लगभग आधी सभी उल्लेख।
- मित्रता और रोमांटिक रिश्ते: लगभग 12%।
- व्यक्तिगत विकास और मानसिक कल्याण: लगभग 8%।
- यात्रा और विदेश में ठहराव: लगभग 7%।
लेखकों में क्लिनिकल डेवलपमेंटल साइकॉलजिस्ट और प्रथम लेखक David Bürgin शामिल थे, और सह‑नेता Lilly Shanahan ने सहायता सेवाओं की रणनीतियों पर टिप्पणी की। शोध ने यह भी पाया कि जिन प्रतिभागियों में गंभीर चिंता और अवसाद के लक्षण थे, वे तनावपूर्ण संबंधों, संघर्ष और व्यक्तिगत असफलताओं का अधिक उल्लेख करते थे और यात्रा, शैक्षिक उपलब्धियाँ तथा खेल जैसी सकारात्मक घटनाओं का कम हवाला देते थे।
समय के साथ विषयों में बदलाव भी देखे गए: मध्य किशोरावस्था में स्कूल, मित्रता और अवकाश अधिक प्रमुख थे, जबकि बाद में शिक्षा, काम, रिश्ते और स्वतंत्रता का महत्व बढ़ा; खेल और बाहर जाना कम कहा गया, और काम, आवास तथा संतान होना अधिक उजागर हुआ। अध्ययन Journal of Child Psychology and Psychiatry में प्रकाशित है और इसे Jacobs Center तथा Epidemiology, Biostatistics, and Prevention Institute at UZH के सहयोग से किया गया है, जिसे UZH Population Research Center Seed Grants Program ने समर्थन दिया।
कठिन शब्द
- व्यवस्थित — किसी काम को क्रमबद्ध और योजनाबद्ध करना
- स्वचालित — बिना मानवीय हस्तक्षेप के चलने वाला
- प्रसंस्करण — जानकारी को बदलने या व्यवस्थित करने की प्रक्रिया
- प्रतिभागी — किसी अध्ययन या कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाला व्यक्तिप्रतिभागियों
- मानसिक कल्याण — मन और भावनाओं का सामान्य और स्वस्थ हाल
- अवसाद — गंभीर मानसिक उदासी और ऊर्जा की कमी
- चिंता — भविष्य या हालात को लेकर बेचैनी और डर
- उल्लिखित — किसी बात या घटना का लेख में उल्लेखित होना
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- शोध में पाया गया कि चिंता और अवसाद वाले प्रतिभागी सकारात्मक घटनाओं का कम उल्लेख करते हैं। आप इसके संभावित कारण क्या समझते हैं?
- उम्र के साथ विषयों में बदलाव दिखते हैं, जैसे कि बाद में स्वतंत्रता और काम का महत्व बढ़ना। ये बदलाव युवाओं की रोज़मर्रा ज़िन्दगी पर कैसे असर डाल सकते हैं?
- लेखकों ने सहायता सेवाओं की रणनीतियों पर टिप्पणी की। आपकी राय में स्कूल या स्वास्थ्य सेवाएँ किस तरह की रणनीतियाँ अपना सकती हैं ताकि युवा बेहतर मानसिक कल्याण पा सकें?