Live in Green Kyaka II शरणार्थी बस्ती में खाना और फसल के अपशिष्ट को कुकिंग ईंधन में बदलने वाली एक सामुदायिक पहल है। इसकी स्थापना कांगो के शरणार्थी Solomon Bhaghabhonerano ने की थी। परियोजना मकई के कोब, केले के छिलके और आरी के बचे हुए हिस्सों से कई टन ब्रिकेट प्रति दिन बनाती है और साथ ही पेड़ों की नर्सरी चलाती है तथा कुकस्टोव बनाती है।
यूगांडा में over 1.7 million शरणार्थी हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएँ और बच्चे हैं, और Kyaka II जैसी बस्तियाँ बढ़ते ताप और बाढ़ के जोखिम से प्रभावित हैं। लकड़ी पर निर्भरता से वनों की कटाई बढ़ी, इसलिए Live in Green ने 2016 में नर्सरी शुरू की, फिर 2021 में ब्रिकेट उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया। टीम ने डिज़ाइन सुधारे ताकि ब्रिकेट आसानी से और लंबे समय तक जलें।
शरणार्थी कचरा इकट्ठा करते हैं और कई लोगों को कचरा संग्रह तथा प्रसंस्करण में रोजगार मिलता है। उपयोगकर्ता बचत और सुविधा बताते हैं; Amina कहती हैं ब्रिकेट साफ हैं, अधिक देर तक जलते हैं और जब मासिक भत्ता घटाया गया तब ये मदद करते हैं।
कुछ विशेषज्ञ मिट्टी से कार्बनिक पदार्थ हटाने पर सावधानी बताते हैं और संतुलन की आवश्यकता का जिक्र करते हैं। Live in Green पुनर्वनीकरण प्लॉट और व्यवस्थित कचरा संग्रह को मिलाकर यह समस्या संभालने की कोशिश करता है।
कठिन शब्द
- अपशिष्ट — खाने या फसल के बचे हुए हिस्से
- ब्रिकेट — ईंधन के लिए दबाकर बनाया ठोस टुकड़ा
- नर्सरी — पेड़ों या पौधों को उगाने की जगह
- प्रसंस्करण — कचरे को तैयार या साफ करके बदलना
- कचरा संग्रह — फालतू चीज़ों को इकट्ठा करने की प्रक्रियाव्यवस्थित कचरा संग्रह
- पुनर्वनीकरण — उपयोग के बाद चीज़ों को फिर से काम में लानापुनर्वनीकरण प्लॉट
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- ब्रिकेट के उपयोग से स्थानीय जंगलों और लोगों को क्या फायदे हो सकते हैं? कारण बताइए।
- Live in Green जैसी परियोजनाएँ शरणार्थियों की रोज़गार स्थितियों को कैसे बदल सकती हैं? अपने विचार लिखिए।
- क्या आप अपने इलाके में कचरे को उपयोगी चीज़ों में बदलने का कोई तरीका सुझा सकते हैं? कैसे लागू करेंगे?