शोध टीम ने एक मिड‑इन्फ्रारेड फाइबर प्रोब विकसित किया है जो एक ही समय में तीन बायोमार्कर मापता है। प्रोब का व्यास 1.1 मिलीमीटर है और इसे तेज, कम आक्रामक निगरानी के लिए डिज़ाइन किया गया है। टान्या हटर इस काम की प्रमुख लेखिका हैं और अध्ययन Nature Communications में प्रकाशित हुआ।
प्रोब ग्लूकोज़, लैक्टेट और एथेनॉल जैसे अणुओं के स्पेक्ट्रल संकेतों को पहचानता है। यह डिवाइस QCL (क्वांटम कैस्केड लेज़र) से जुड़ता है जो मिड‑इन्फ्रारेड प्रकाश देता है; प्रत्येक अणु खास तरंगदैर्ध्य पर प्रकाश अवशोषित करता है और अवशोषण सांद्रता के समानुपाती होता है।
डिवाइस दो सिल्वर हैलाइड ऑप्टिकल फाइबरों को एक PEEK नली और अर्ध‑परविहनी झिल्ली में रखता है। एक फाइबर का टिप कोणीय है और दूसरा गोल्ड‑कोटेड है जो दर्पण की तरह काम करता है। प्रयोगशाला के छात्र Tse‑Ang Lee के अनुसार यह माइक्रोडायलिसिस की तरह ऊतक को बाधित नहीं करता, इसलिए यह स्थानीय ऊतक स्थिति को बेहतर दिखाता है।
यह तकनीक क्लिनिकल निगरानी और पहनने योग्य वेलनेस मॉनिटरिंग दोनों में उपयोगी हो सकती है।
कठिन शब्द
- प्रोब — एक छोटा उपकरण जो माप करता है
- बायोमार्कर — शरीर या ऊतक में संकेत देने वाला अणु
- स्पेक्ट्रल — प्रकाश से जुड़े संकेतों का समूह
- अवशोषण — प्रकाश का किसी पदार्थ में लेना
- तरंगदैर्ध्य — किसी तरंग के दो समान बिंदुओं की दूरी
- सांद्रता — किसी पदार्थ की मात्रा किसी स्थान पर
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चर्चा के प्रश्न
- आप सोचते हैं कि तेज और कम आक्रामक निगरानी क्लिनिकल निगरानी में कैसे मदद कर सकती है?
- क्या आप पहनने योग्य वेलनेस मॉनिटरिंग में इस तरह के प्रोब का इस्तेमाल करना चाहेंगे? क्यों या क्यों नहीं?
- इस उपकरण की कम आक्रामक प्रकृति स्थानीय ऊतक स्थिति की रिपोर्ट में क्या फायदे दे सकती है?